Uttarakhand News: छोटा राजन संग सजा पाने वाला सिसौदिया पैरोल के बाद से लापता, जेडे मर्डर में हुई थी उम्रकैद

अंग्रेजी सांध्य दैनिक अखबार मिड डे के वरिष्ठ पत्रकार जेडे की मुंबई में हत्या की गई थी। 2018 में मुंबई की मकोका कोर्ट ने डान छोटा राजन समेत आठ लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इसमें हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित जीतपुर नेगी निवासी दीपक सिसौदिया भी था।

Prashant MishraPublish: Wed, 29 Jun 2022 10:26 PM (IST)Updated: Wed, 29 Jun 2022 10:26 PM (IST)
Uttarakhand News: छोटा राजन संग सजा पाने वाला सिसौदिया पैरोल के बाद से लापता, जेडे मर्डर में हुई थी उम्रकैद

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: साल 2011 के बहुचर्चित जेडे हत्याकांड में महाराष्ट्र पुलिस एक बार फिर से हल्द्वानी निवासी दीपक सिसौदिया की तलाश में जुटी है। मर्डर मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे दीपक को 45 दिन की पैरोल मिली थी, लेकिन पैरोल अवधि खत्म होने के बाद भी वह वापस जेल नहीं पहुंचा। इस मामले में अमरावती जेल प्रशासन की तरफ से उसके विरूद्ध मुकदमा किया गया है। घटनास्थल को हल्द्वानी मानने की वजह से यह एफआइआर यहां ट्रांसफर हो चुकी है।

जून 2011 में अंग्रेजी सांध्य दैनिक अखबार मिड डे के वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे उर्फ जेडे की मुंबई में पवई स्थित उनके आवास के पास गोली मार के हत्या कर दी थी। इस मामले में मई 2018 में मुंबई की मकोका कोर्ट ने अंडरवल्र्ड डान छोटा राजन समेत आठ लोगों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित जीतपुर नेगी निवासी दीपक सिसौदिया की हत्याकांड में संलिप्ता पाए जाने सजा पाने वालों में वह भी शामिल था। हल्द्वानी पुलिस के मुताबिक दीपक महाराष्ट्र की अमरावती जेल में सजा काट रहा था।

सिसौदिया के पैरोल को आवेदन करने पर अनुमति भी मिल गई। जनवरी महीने में 45 दिन की पैरोल मिली थी। नियम के मुताबिक आठ मार्च को वापस अमरावती जेल पहुंचना था। लेकिन दीपक वापस नहीं लौटा। जिसके बाद अमरावती जेल के अधिकारी मोहन मंगलराव चव्हाण ने स्थानीय पुलिस में उसके विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया।

पैरोल आवेदन के दौरान मंजूर अवधि को घर यानी हल्द्वानी बीताने की बात कहने की वजह से महाराष्ट्र पुलिस फरारी के घटनास्थल को हल्द्वानी मान रही है। जिस वजह से मुकदमा यहां ट्रांसफर हो गया है।

हल्द्वानी कोतवाल हरेंद्र चौधरी का कहना है कि जेडे हत्याकांड में सजा पाने वाला दीपक सिसौदिया पैरोल अवधि खत्म होने पर भी वापस नहीं लौटा। जिसके बाद महाराष्ट्र में दर्ज एफआइआर हल्द्वानी ट्रांसफर हो गई। इस मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय से भी डाक के माध्यम से निर्देश पहुंचे थे।

Edited By Prashant Mishra

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