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पूर्व मुख्यमंत्रियों के बकाया मामले में दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

पूर्व मुख्यमंत्रियों से आवास भत्ता व अन्य देयकों की वसूली न होने पर रूलक संस्था देहरादून द्वारा मुख्य सचिव ओमप्रकाश सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सोमवार यानी आज सुनवाई होगी।

By Skand ShuklaEdited By: Published: Mon, 14 Sep 2020 09:28 AM (IST)Updated: Mon, 14 Sep 2020 09:28 AM (IST)
पूर्व मुख्यमंत्रियों के बकाया मामले में दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज
पूर्व मुख्यमंत्रियों के बकाया मामले में दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्रियों से आवास भत्ता व अन्य देयकों की वसूली न होने पर रूलक संस्था देहरादून द्वारा मुख्य सचिव ओमप्रकाश सिंह के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सोमवार यानी आज सुनवाई होगी। सुनवाई न्यायमूर्ति शरद शर्मा की एकलपीठ में सुनवाई होगी। वहीं इस में पिछले दिनों मुख्य सचिव ओमप्रकाश सिंह की ओर से हाईकोर्ट में जबाव दाखिल कर दिया गया है ।

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रुलक संस्था के अधिवक्ता कार्तिकेय हरि गुप्ता के मुताबिक अवमानना याचिका पर 14 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है । अवमानना याचिका की पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से जबाव दाखिल करने को कहा था । मुख्य सचिव की ओर से 10 सितंबर को इस सम्बंध में जबाव दाखिल कर दिया गया है । जिसमें कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चन्द्र खंडूरी व विजय बहुगुणा ने आवास किराया जमा कर दिया है ।

 

स्व. नारायण दत्त तिवारी की पत्नी को भी भुगतान जमा करने का नोटिस दिया है जो अभी तक जमा नहीं हुआ है । पानी का बिल श्री कोश्यारी के नाम 11लाख, विजय बहुगुणा के नाम 4 लाख, श्री खंडूरी के नाम 3.89 लाख, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के नाम 10.60 लाख व स्व. नारायण दत्त तिवारी के नाम 21.75 लाख लंबित हैं । लेकिन बिजली के बिलों का जिक्र भी इस जबाव में नहीं किया गया है ।

 

मुख्य सचिव द्वारा दायर जबाव में कहा गया है कि सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा 9 जून 2020 को पारित आदेश के खिलाफ 8 सितंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट में एस एल पी दायर की है ।जो सुप्रीम कोर्ट की डायरी दर्ज है । उक्त आदेश में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास व अन्य भत्तों में हुये खर्च को माफ करने सम्बन्धी अध्यादेश को रद्द कर दिया था ।


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