उत्तराखण्ड चुनाव 2022 : ब्राह्मण उम्मीदवार के बूते रानीखेत सीट पर जीत हासिल करना चाहती है भाजपा!

उत्तराखण्ड चुनाव 2022 केंद्रीय रक्षा राज्‍यमंत्री अजय भट्ट के राजनीतिक और पूर्व सीएम हरीश रावत के गृहक्षेत्र का सियासी माहौल इस दफा एकदम जुदा है। खासतौर पर भाजपा में टिकट को लेकर ऐसा असमंजस पहली बार दिख रहा।

Skand ShuklaPublish: Tue, 18 Jan 2022 09:29 AM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 09:29 AM (IST)
उत्तराखण्ड चुनाव 2022 : ब्राह्मण उम्मीदवार के बूते रानीखेत सीट पर जीत हासिल करना चाहती है भाजपा!

दीप सिंह बोरा, रानीखेत : चुनावी चौसर बिछ गई है। मगर सत्तापक्ष की साख से जुड़ी जिले की सबसे हॉट रानीखेत सीट पर भाजपा के सियासी रणनीतिकार तुरत फुरत मोहरा चलने से ठिठक रहे हैं। वजह, भाजपा 2017 के विधानसभा चुनाव जैसा हस्र नहीं चाहती। बगावत से बचते बचाते चौसर पर सही चाल चलने को टॉप थ्री दावेदारों को कसौटी पर लगभग कसा जा चुका है। पार्टी सूत्रों की मानें तो आसपड़ोस की दो सीटों पर उलझी गुत्थी सुलझाने के बाद रानीखेत की तस्वीर साफ होगी। यानी अल्मोड़ा व द्वाराहाट में ठाकुर प्रत्याशियों को उतारा गया तो भाजपा रानीखेत की क्षत्रिय बहूल सीट पर नए प्रयोग से परहेज कर ब्राह्मïण उम्मीदवार पर दांव लगा सकती है।

केंद्रीय रक्षा राज्‍यमंत्री अजय भट्ट के राजनीतिक और पूर्व सीएम हरीश रावत के गृहक्षेत्र का सियासी माहौल इस दफा एकदम जुदा है। खासतौर पर भाजपा में टिकट को लेकर ऐसा असमंजस पहली बार दिख रहा। दरअसल, उत्तराखंड गठन के बाद से ही इस सीट पर अजय भट्ट ही भाजपा का इकलौता चेहरा रहे हैं। मगर 2017 की हार फिर नैनीताल संसदीय क्षेत्र से जीतकर दिल्ली पहुंचने के बाद से रानीखेत सीट पर दूसरी पांत के स्थानीय सक्रिय नेताओं के खम ठोकने से चुनावी चौसर बिछने के बावजूद मोहरे तय करना भाजपा के सियासी पंडितों के लिए मुश्किल साबित हो रहा। पार्टी सूत्र कहते हैं शीर्ष रणनीतिकार पहले अल्मोड़ा व द्वाराहाट सीट पर नजरें टिकाए हैं। इन दोनों सीटों पर ठाकुर प्रत्याशी टिकट पा जाते हैं तो रानीखेत में नया प्रयोग करने के बजाय भाजपा ब्राह्मण उम्मीदवार को उतारने का मन बना रही है। यानी अल्मोड़ा व द्वाराहाट सीट का जातिगत समीकरण रानीखेत का टिकट तय करेगा।

ताकि जीत का आधार बन सके जातिगत गोटियां

दरअसल, 2017 के विस चुनाव में तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को बगावत का खामियाजा भी भुगतना पड़ा था। तब पार्टी के एक कद्दावर नेता के बागी होने से ब्राह्मïण वोट दो धुरियों में बंट गए थे। अबकी भाजपा बगावती सुरों को साध सोशल इंजीनियरिंग के सहारे जातिगत गोटियां फिट कर चुनावी दंगल में उतरने के मूड में है। उसी के अनुरूप प्रत्याशी चयन पर मंथन आखिरी दौर में पहुंच गया है।

तब बदल सकता है गणित

सियासी सूत्र यह भी दावा करते हैं कि अल्मोड़ा या द्वाराहाट में अगर भाजपा किन्हीं कारणों से ब्राह्मïण उम्मीदवार को टिकट देती है तब रानीखेत सीट पर ठाकुर को उतारा जाएगा।

दो-दो बार जीती है कांग्रेस व भाजपा

नवगठित उत्तराखंड राच्य में अब तक हुए चार चुनावों में कांग्रेस व भाजपा रानीखेत सीट पर दो-दो बार जीती है। वर्ष 2002 के पहले विधानसभा चुनाव में मौजूदा केंद्रीय राच्यमंत्री अजय भट्ट, 2007 में कांग्रेस से करन सिंह माहरा, 2012 में भाजपा से अजय भट्ट दोबारा जीते तो 2017 में करन माहरा दूसरी बार विजयी रहे।

जातीय गणित पर नजर

= ठाकुर : 53 फीसद

= एससी वर्ग: 22

= ब्राह्मïण : 18

= अन्य करीब सात फीसद

(वहीं भारतीय सेना की दो ब्रिगेड में करीब छह हजार अफसर व जवान। इनमेें लगभग 50 फीसद वोटर हैं। इन पर दोनों दलों की नजर रहेगी)

Edited By Skand Shukla

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