दिल्ली में डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध से कुमाऊं में खडिय़ा व लकड़ी कारोबार प्रभावित

कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में लकड़ी व खडिय़ा कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है। दिल्ली में डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के चलते चालकों को सीमा पर ही रोक दिया जा रहा है। ऐसे में कारोबार घटकर आधा हो गया है।

Skand ShuklaPublish: Mon, 29 Nov 2021 06:30 AM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 06:30 AM (IST)
दिल्ली में डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध से कुमाऊं में खडिय़ा व लकड़ी कारोबार प्रभावित

मनीस पांडेय, हल्द्वानी : कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में लकड़ी व खडिय़ा कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है। दिल्ली में डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के चलते चालकों को सीमा पर ही रोक दिया जा रहा है। ऐसे में कारोबार घटकर आधा हो गया है।

खडिय़ा या सोप स्टोन पहाड़ से पूरे देश में सप्लाई किया जा रहा है। दिल्ली में प्रदूषण बढऩे से बाहरी प्रदेशों की डीजल गाडिय़ों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। टीपी नगर व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप सब्बरवाल ने बताया कि कुमाऊं में बड़े स्तर पर लकड़ी का कारोबार भी हो रहा है।

दिल्ली में प्रतिबंध से इमारती लकडिय़ां टनकपुर, खटीमा, लालकुआं व कालाढूंगी में डंप पड़ी हैं। जिसके लिए कारोबारियों को अब प्लाट रेंट भी देना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार एक ओर ग्रीन टैक्स वसूल कर रही है और दूसरी तरफ गाडिय़ों को जाने भी नहीं दिया जा रहा। ऐसे में रिश्वत दिए बगैर दिल्ली की मंडी में डीजल गाडिय़ां नहीं घुस पा रही हैं।

तीन बार बढ़ाई तारीख

दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध अभी तक वहां की सरकार की ओर से तीन बार बढ़ाया जा चुका है। जिसे 25 नवंबर से बढ़ाकर 30 नवंबर व बाद में तीन दिसंबर कर दिया गया है। ऐसे में प्रतिबंध की तारीख लगातार बढऩे से कुमाऊं के कारोबारी चिंतित हैं।

कीर्तिनगर में लकड़ी की मंडी

लकड़ी की मंडी दिल्ली के कीर्तिनगर में है। जहां टनकपुर की प्रसिद्ध साल, सागौन, नैनीताल जिले से यूकेलिप्टिस, खैर, चीड़ आदि की ट्रेडिंग की जाती है। जबकि नरेला, मुंडका, नागलोई, भुजबिहार, अलीपुर, लिबासपुर, मोरी गेट आदि जगहों पर सोप स्टोन का कारोबार हो रहा है।

Edited By Skand Shukla

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