Uttarakhand Chunav 2022 : अल्मोड़ा में तीसरा विकल्प बनने की जुगत में आप, आंदोलनों की पृष्ठभूमि वालों को दिया टिकट

Uttarakhand Chunav 2022 सामाजिक राजनीतिक आंदोलनों की पृष्ठभूमि से निकले आप प्रत्याशी प्रदेश में सशक्त तीसरे विकल्प के रूप में मजबूती से उपस्थिति दर्ज कराने में जुट गए है। चुनाव में टिकट तय करने में आप ने राष्ट्रीय दलों को पछाड़ दिया है।

Prashant MishraPublish: Sat, 15 Jan 2022 02:11 PM (IST)Updated: Sat, 15 Jan 2022 02:11 PM (IST)
Uttarakhand Chunav 2022 : अल्मोड़ा में तीसरा विकल्प बनने की जुगत में आप, आंदोलनों की पृष्ठभूमि वालों को दिया टिकट

जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : आप पंजाब, हरियाणा, उप्र व उत्तराखंड में तीसरा विकल्प बनने की पुरजोश कोशिश कर रही है। इसी के चलते पीर्टी के नेता लगातार दौरा कर बड़ी-बड़ी घोषणा भी कर चुके हैं। उसका यही दांव टिकट देने में लागू है। सामाजिक, राजनीतिक आंदोलनों की पृष्ठभूमि से निकले आप प्रत्याशी प्रदेश में सशक्त तीसरे विकल्प के रूप में मजबूती से उपस्थिति दर्ज कराने में जुट गए है। चुनाव में टिकट तय करने में आप ने राष्ट्रीय दलों को पछाड़ दिया है। अभी रानीखेत विधानसभा में प्रत्याशी की घोषणा होनी बाकी है। 

सल्ट : सुरेश बिष्ट

सामाजिक कार्यों में सल्ट क्षेत्र में बढ़चढ़ कर भागीदारी करने वाले सुरेश बिष्ट को टिकट दिया है। उन्होंने 37 सालों तक उन्होंने दिल्ली सरकार में नौकरी की। 1968 में उन्होंने बाल व तरुण संघ की स्थापना की। नवयुवक मंगल दल के माध्यम से गांव में रचनात्मक कार्य किया। विश्व विद्यालय का आंदोलन किया। मेधावी गरीब छात्रों की मदद की। देवालय में कौशल विकास केंद्र की स्थापना की। कोरोना महामारी मे बेहतरीन कार्य किया। राष्ट्रीय दलों के सामने वह अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे है।

अल्मोड़ा : अमित जोशी 

42 साल के अमित जोशी को सामाजिक क्षेत्रों में सक्रियता से ही आम आदमी पार्टी ने विधानसभा अल्मोड़ा में अपना चेहरा बनाया। पंतनगर विश्वद्यालय से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर उन्होंने बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम किया। विश्वविद्यालयों में  कंसलटेंट रहे। सामाजिक कार्यों में रुचि से वह ज्यादा नौकरी नही कर पाए। ड्रीम शेपर्स ट्रेनिंग अकेडमी बना 8 हजार युवाओं को नौकरी दी। पहले आल इंडिया प्रोफेसनल कांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष रहे उसके बाद जिला प्रवक्ता बने। आप की नीति, कार्य करने की शैली ने उन्हें प्रभावित किया। पार्टी ने उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बना दिया। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने हमेशा संघर्ष कर रहे हैं।

सोमेश्वर : हरीश चंद्र आर्य

समाज सुधारक, दलित उद्धारक कुमाऊं केसरी खुशी राम के पोते हरीश राम आर्य को आप ने जिले की एकमात्र आरक्षित सोमेश्वर सीट से अपना प्रत्याशी बना साफ संकेत दे दिए है। अन्ना आंदोलन से निकले हरीश चन्द्र आर्य उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश में मिशन बुनियाद के प्रभारी बने। 2013 में आपने प्रदेश संयोजक बनाया। हरीश चन्द्र आर्य 1996 में निर्विरोध जिला पंचायत सदस्य चुने गए। 2014 में उन्होंने अल्मोड़ा संसदीय सीट से लोक सभा का चुनाव लड़ा। उन्होंने हमेशा शोषित, वंचितों के लिए संघर्ष किया। परिवर्तन की लहर में वह क्षेत्र के प्रमुख चेहरे के रूप में उभर रहे है। 1990 में वह कोपरेटिव सोसाइटी में डायरेक्टर बने। देश में भ्रस्टाचार के खिलाफ प्रमुखता से बुलंद किया।

जागेश्वर : तारादत्त पांडेय

जागेश्वर विधानसभा से आप प्रत्याशी 52 वर्षीय तारा दत्त पांडेय 90 के दशक से ही सक्रिय राजनीति में आ गए थे। 1996 में वह क्षेत्र पंचायत सदस्य बने। उसके बाद से पीछे मुड़कर नही देखा। राज्य बनने के बाद 2002 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में वह चुनाव मैदान में कूदे। इसके बाद 2012, 2017 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े। इसके बाद वह आम आदमी की नीतियों से इतने प्रभावित हुए की वह इससे जुड़ गए। सामाजिक आंदोलनों, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के मुद्दे को लेकर हमेशा संघर्षरत रहे। उनकी सक्रियता देख पार्टी  ने उन पर भरोसा दिखाया।

द्वाराहाट : प्रकाश चंद्र उपाध्याय

द्वाराहाट विधान सभा से आप ने सामाजिक कार्यकर्ता, रिटायर्ड शिक्षक प्रकाश चंद्र उपाध्याय को पार्टी का टिकट दिया। उपाध्याय जब सहायता प्राप्त विद्यालय में शिक्षक थे तो तब 2007 में विधानसभा चुनाव लगा। उन्हें प्रगतिशील काश्तकार के रूप में जाना जाता है। उनके क्षेत्र में हमेशा सामाजिक आंदोलन में सक्रिय रहते हैं।

Edited By Prashant Mishra

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