मंडी शुल्क बढ़ाने पर भड़के कारोबारी, नारेबाजी की

गुड़ मंडी के व्यापारियों ने मंडी शुल्क बढ़ाने के विरोध में मंडी परिसर में प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुड़ कारोबारियों ने मंडी शुल्क एक प्रतिशत करने की मांग की। साथ ही गुरुवार से गुड़ मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी दी है। उन्होंने इस संबंध में मंडी समिति सचिव को ज्ञापन सौंपा है।

JagranPublish: Wed, 29 Dec 2021 08:33 PM (IST)Updated: Wed, 29 Dec 2021 08:33 PM (IST)
मंडी शुल्क बढ़ाने पर भड़के  कारोबारी, नारेबाजी की

संवाद सहयोगी, मंगलौर : गुड़ मंडी के व्यापारियों ने मंडी शुल्क बढ़ाने के विरोध में मंडी परिसर में प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुड़ कारोबारियों ने मंडी शुल्क एक प्रतिशत करने की मांग की। साथ ही गुरुवार से गुड़ मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी दी है। उन्होंने इस संबंध में मंडी समिति सचिव को ज्ञापन सौंपा है।

बुधवार को व्यापार मंडल मंगलौर के अध्यक्ष जुगमिंदर दास सिंघल के नेतृत्व में गुड़ व्यापारी मंडी परिसर में एकत्रित हुए। इस मौके पर अध्यक्ष जुगमिंदर सिंघल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मंडियों के लिए नया नियम लागू किया है, जिसमें अब दो रुपये मंडी शुल्क व 50 पैसे विकास सेस लगाया है। इससे मंडी के व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बढ़ाए गए मंडी शुल्क व विकास सेस की वजह से व्यापारी गुड़ की खरीद नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार मंडी शुल्क को घटाकर एक प्रतिशत नहीं करती, तब तक गुड़ कारोबार को ठप रखा जाएगा। साथ ही मंडी परिसर को भी अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जाएगा। इसके विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष महेंद्र बंसल ने कहा कि उप्र में भाजपा की सरकार होने के बावजूद वहां पर मंडी शुल्क एक प्रतिशत रखा गया है। हरियाणा में भाजपा सरकार ने मंडी शुल्क शून्य कर रखा है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर व्यापारियों का शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर से मंडी के सभी व्यापारी कार्य पूर्ण रूप से बंद कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। सचिव रजनीश अरोड़ा ने बताया कि कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया है। इस मौके पर सुधीर बंसल, दिलशाद अंसारी, संजय कुमार, विवेक भाटिया, सचिन मदान व मुकर्रम अली मौजूद रहे।

Edited By Jagran

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