झबरेड़ा और कलियर में प्रत्याशी घोषित न होने से बढ़ी बेचैनी

झबरेड़ा और कलियर विधानसभा सीट के उम्मीदवार का नाम गुरुवार को भाजपा की ओर से जारी सूची में नहीं था। इससे मौजूदा विधायक के साथ तमाम दावेदारों की बेचैनी बढ़ गई है।

JagranPublish: Thu, 20 Jan 2022 08:36 PM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 08:36 PM (IST)
झबरेड़ा और कलियर में प्रत्याशी घोषित न होने से बढ़ी बेचैनी

जागरण संवाददाता, रुड़की: झबरेड़ा और कलियर विधानसभा सीट के उम्मीदवार का नाम गुरुवार को भाजपा की ओर से जारी सूची में नहीं था। इससे मौजूदा विधायक के साथ तमाम दावेदारों की बेचैनी बढ़ गई है। झबरेड़ा सीट से विधायक के टिकट कटने की अफवाहों को जहां बल मिल रहा है, वहीं कलियर में भाजपा इस बार सोशल इंजीनियरिग का प्रयोग करने के मूड में है।

कलियर विधानसभा सीट की बात की जाए तो यह सीट 2012 से अस्तित्व में है। इससे पहले इस सीट का अधिकांश हिस्सा बहादराबाद विधानसभा सीट में आता था। अब तक हुए चार चुनाव में दो बार इस सीट पर दिवंगत कैबिनेट मंत्री एवं उप्र भाजपा के कद्दावर नेता स्वर्गीय डा. पृथ्वी सिंह विकसित को हार नसीब हुई। 2012 से यह सीट कांग्रेस के पास है। इस सीट पर हर बार भाजपा सैनी बिरादरी से ही उम्मीदवार देती रही है। इस बार भी सैनी बिरादरी के ही दावेदार है। हालांकि भाजपा के अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से भी टिकट की दावेदारी की है। ऐसे में भाजपा यहां पर काफी विचार-विमर्श करने के बाद ही टिकट देने के मूड में है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष बहरोज आलम का कहना है कि उनकी भी इस सीट से दावेदारी है। वहीं झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं चल रही है। उनका टिकट काटे जाने की अफवाह है। इतना ही नहीं वह अपनी पत्नी के लिए झबरेड़ा से टिकट की मांग कर रहे हैं। ऐसे में झबरेड़ा को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। वहीं दावेदारों में बेचैनी का आलम है।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept