सांसद बदले, सीएम बदले पर नहीं बना आमखेड़ी का पुल

मंगलौर मंगलौर विधानसभा का आमखेड़ी गांव का पुल एक पहेली बनता जा रहा है। तीन पूर्व सीएम इस

JagranPublish: Mon, 24 Jan 2022 03:00 AM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 03:00 AM (IST)
सांसद बदले, सीएम बदले पर नहीं बना आमखेड़ी का पुल

मंगलौर : मंगलौर विधानसभा का आमखेड़ी गांव का पुल एक पहेली बनता जा रहा है। तीन पूर्व सीएम इस पुल का शिलान्यास कर चुके हैं। लेकिन, अभी तक यह पुल बनकर तैयार नहीं हो पाया है। परेशान ग्रामीणों को आज भी कई किमी का चक्कर काटकर गंतव्य तक जाना पड़ता है।

कांग्रेस की सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने लंढौरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आमखेड़ी में सोलानी नदी पर पुल के निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश में सरकार बदल गई। मेजर जनरल (सेनि) बीसी खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक ने कमान संभाली। लेकिन, पुल का निर्माण नहीं हो सका। इसके बाद विजय बहुगुणा एवं हरीश रावत के हाथ में प्रदेश की कमान आई। लेकिन पुल तब भी नहीं बना। वर्ष 2016 में हुए राजनैतिक घटनाक्रम के बाद तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने पुल का शिलान्यास किया। लेकिन, पुल नहीं बन सका। इसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ। भाजपा की सरकार आई और पुल की सुध नहीं ली गई। 2019 में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने इस पुल का फिर से शिलान्यास कर दिया। इस पुल का निर्माण कछुआ चाल से चल रहा है। ग्रामीण अशोक कुमार, प्रमोद, रविन्द्र, कैलाश चंद आदि का कहना है कि छह माह से ही निर्माण कार्य शुरू हुआ है। इस पुल के बनने से गोपालपुर, मुंडलाना, अकबरपुर ढाढेकी, हरजोली जट, टांडा भनेड़ा, घोसीपूरा, हरचंदपुर, सिकंदरपुर आदि गांव को इसका लाभ मिलेगा। इसी तरह से लक्सर के भी दो दर्जन से अधिक गांव लाभांवित होंगे। ग्रामीणों को सोलानी नदी को पार करने के लिए कई किमी की दूरी का चक्कर काटने से निजात मिलेगी।

Edited By Jagran

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