जानिए क्यों दून में थमे स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों के पहिये, अधिकारी नाराज चालकों को मनाने में जुटे

स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से संचालित की जा रहीं इलेक्ट्रिक बसों के पहिये शुक्रवार की सुबह से थम गए हैं। वेतन न मिलने से नाराज बसों के चालक व परिचालक कार्य बहिष्कार पर चले गए और बसें ट्रांसपोर्टनगर में कार्यशाला में खड़ी कर दीं।

Raksha PanthriPublish: Fri, 21 Jan 2022 09:58 AM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 09:58 AM (IST)
जानिए क्यों दून में थमे स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों के पहिये, अधिकारी नाराज चालकों को मनाने में जुटे

जागरण संवाददाता, देहरादून। जनता को प्रदूषणमुक्त व सुविधाजनक सफर के लिए स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से शहर में संचालित की जा रहीं इलेक्ट्रिक बसों के पहिये शुक्रवार की सुबह थम गए। वेतन न मिलने से नाराज बसों के चालक-परिचालक कार्य बहिष्कार पर चले गए और बसें ट्रांसपोर्टनगर में कार्यशाला में खड़ी कर दीं। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टनगर पहुंच चालक व परिचालकों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। दोपहर में जब वेतन जारी किया गया, तब चालक-परिचालक ने काम पर लौटने का निर्णय लिया। आंदोलन के कारण सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक बसों के पहिये थमे रहे।

स्मार्ट सिटी कंपनी के अंतर्गत शहर में पहले चरण में 21 फरवरी-2021 से पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन राजपुर रोड से आइएसबीटी मार्ग पर शुरू किया गया था। अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर चरम पर होने पर बस संचालन रोकना पड़ा। जून में दोबारा बसों का संचालन शुरू हुआ। इसके बाद सरकार ने पांच और बसों का संचालन दो नए मार्गों पर शुरू किया। इनमें एक मार्ग सेलाकुई-घंटाघर-आइएसबीटी और दूसरा मार्ग सेलाकुई-घंटाघर-रायपुर है। वर्तमान में कुल 10 बसें संचालित हो रही हैं। बस संचालन की जिम्मेदारी मैसर्स एवरी ट्रांस कंपनी के हवाले है। स्मार्ट सिटी कंपनी एवं मैसर्स एवरी ट्रांस में पीपीपी मोड में स्मार्ट बसों का संचालन करार है। जिसके अंतर्गत बस भी मैसर्स एवरी ट्रांस उपलब्ध कराएगी और संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। इस एवज में स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से मैसर्स एवरी ट्रांस को 66.78 रुपये की प्रति किमी की दर से भुगतान होता है। बस पर चालक कंपनी जबकि परिचालक रोडवेज की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं।

बस चालक का वेतन मैसर्स ट्रांस कंपनी देती है, जबकि परिचालक के वेतन के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी राज्य परिवहन निगम को पांच रुपये प्रति किमी के हिसाब से भुगतान करती है। आरोप है कि परिचालकों को दो माह से वेतन नहीं मिला है, जबकि चालकों का तीन माह से वेतन लंबित है वेतन नहीं मिलने से गुस्साए चालक व परिचालकों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलकर शुक्रवार सुबह स्मार्ट बसों का संचालन रोक दिया। बसें ट्रांसपोर्टनगर कार्यशाला में खड़ी कर दीं। तभी बंगलुरू से मैसर्स ट्रांस कंपनी के अधिकारियों ने अपने चालकों से फोन पर बात की, जबकि यहां दून में स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टनगर में परिचालकों को मनाने का प्रयास शुरू किया। चालक व परिचालकों ने वेतन जारी न होने तक बसों का संचालन न करने की बात कही। जिस पर आनन-फानन में दोपहर में वेतन जारी किया गया। उसके बाद बसों का संचालन शुरू हुआ।

यह भी पढ़ें- इंटरनेट मीडिया को कार्मिकों ने बनाया हथियार, पुरानी पेंशन के आंदोलन को दे रहे धार

Edited By Raksha Panthri

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept