उत्‍तराखंड के मैदानों में कड़ाके ठंड, पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी जारी

Uttarakhand weather update उत्तराखंड में मौसम का मिजाज पांचवे दिन भी बदला रहा। मैदानों में कहीं-कहीं सुबह हल्की धूप खिली लेकिन दोपहर बाद आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया। मौसम विभाग के मुताबिक उत्‍तराखंड में फिलहाल मौसम में सुधार के आसार नहीं हैं।

Sunil NegiPublish: Wed, 26 Jan 2022 07:05 AM (IST)Updated: Wed, 26 Jan 2022 07:05 AM (IST)
उत्‍तराखंड के मैदानों में कड़ाके ठंड, पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी जारी

जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand weather update उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार पांचवे दिन भी बदला रहा। मैदानों में कहीं-कहीं सुबह हल्की धूप खिली, लेकिन दोपहर बाद आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया। इसके अलावा मसूरी समेत पहाड़ी इलाकों में झमाझम बारिश हुई। ऊंची चोटियों में हल्का हिमपात हुआ। जिससे समूचा प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। मैदानों में कहीं-कहीं शीत दिवस की स्थिति बनी रही। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल मौसम में सुधार के आसार नहीं हैं।

बारिश और बर्फबारी से जन जीवन प्रभावित

प्रदेश में लगातार बारिश-बर्फबारी का दौर जारी है। पहाड़ों में भारी बर्फबारी के साथ ही निचले इलाकों में बारिश से जन जीवन प्रभावित है। मंगलवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में सुबह से हल्की धूप खिली रही। हालांकि, दोपहर बाद मौसम ने फिर करवट बदली और आसमान में घने बादल छाये रहने के साथ कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। मसूरी के आसपास के इलाकों के साथ ही नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज के साथ तेज बौछारें पड़ीं। जबकि, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं शीत दिवस की स्थिति रही। इसके अलावा केदारनाथ समेत अन्य चोटियों पर हल्का हिमपात भी हुआ। धनोल्टी-चंबा मार्ग छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। कुमाऊं में भी थल-मुनस्यारी मार्ग सुचारु हो गया है। जबकि, गर्बाधार-लिपुलेख, सोबला -दारमा और सिर्खा मार्ग अभी भी यातायात के लिए बंद हैं।

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हो सकता है हल्का हिमपात

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक आज बुधवार को भी प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्का हिमपात हो सकता है। जबकि, निचले इलाकों में हल्की वर्षा की आशंका है। मैदानी इलाकों में सुबह कोहरा छाया रह सकता है। जिससे शीत दिवस की स्थिति बनी रह सकती है।

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Edited By Sunil Negi

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