Krishna Janmashtami: 101 साल बाद जयंती योग पर मनाई जाएगी जन्माष्टमी, जानें- तारीख और मुहूर्त

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी रोहिणी नक्षत्र के जयंती योग में 30 अगस्त को मनाई जाएगी। 29 अगस्त शनिवार को रात 1125 बजे अष्टमी तिथि शुरू होगी जो 30 अगस्त देर रात 159 बजे तक रहेगी। 101 वर्ष बाद इस दिन जयंती योग बन रहा है।

Raksha PanthriPublish: Sat, 28 Aug 2021 12:23 PM (IST)Updated: Sat, 28 Aug 2021 12:23 PM (IST)
Krishna Janmashtami: 101 साल बाद जयंती योग पर मनाई जाएगी जन्माष्टमी, जानें- तारीख और मुहूर्त

जागरण संवाददाता, देहरादून। Krishna Janmashtami 2021 इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी रोहिणी नक्षत्र के जयंती योग में 30 अगस्त को मनाई जाएगी। 29 अगस्त शनिवार को रात 11:25 बजे अष्टमी तिथि शुरू होगी, जो 30 अगस्त देर रात 1:59 बजे तक रहेगी। 101 वर्ष बाद इस दिन जयंती योग बन रहा है।

जन्माष्टमी को लेकर जहां मंदिर समितियों ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है, वहीं बाजार भी कान्हा की ड्रेस और झूलों से सज गए हैं। धार्मिक मान्यतानुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। गढ़ी कैंट स्थित नवग्रह शनि मंदिर के आचार्य डा. सुशांत राज के मुताबिक शास्त्रों में भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ राशि में चंद्रमा का होना और सोमवार अथवा बुधवार होना बेहद दुर्लभ संयोग माना जाता है, जिससे जयंती योग का निर्माण होता है। हिंदू पंचाग के अनुसार इस वर्ष जन्माष्टमी पर सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा। ऐसे में इस दिन 12 बजे तक जागरण, पूजन, वंदन करना शुभ रहेगा।

इस तरह करें पूजा

सुबह व्रत धारण कर घर के मंदिर में दीप जलाएं और भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल का अभिषेक करें। मिश्री, मेवा आदि का भोग लगाएं। रात में भगवान कृष्ण की पूजा करें।

मंदिर समितियों ने की तैयारी

जन्माष्टमी पर इस बार अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृतम संघ (इस्कान) ओएनजीसी के सामुदायिक केंद्र में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसके अलावा चैतन्य गौड़ीय मठ डीएल रोड, श्याम सुंदर मंदिर पटेलनगर, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, आदर्श मंदिर समेत शहर के विभिन्न मंदिरों को सजाया गया है। कृष्ण जन्मोत्सव पर भजन, नृत्य, संगीत की मनमोहक प्रस्तुति देंगे।

लड्डू गोपाल केलिए फैब्रिक की पोशाक खूब पसंद कर रहे लोग

जन्माष्टमी को लेकर बस एक एक दिन बचा है। ऐसे में बाजार भी कान्हा के मुकुट, पोशाक, पालने, मूर्तियों से सज चुके हैं। खास बात यह है कि इस बार मौसम को देखते हुए लोग लड्डू गोपाल के लिए फैब्रिक की पोशाक खूब पसंद कर रहे हैं।

पीपलमंडी स्थित दुकानदार शिवम सिंघल, पलटन बाजार के दुकानदार राजेश बताते हैं कि इस बार बाजार में नई मल्टीकलर पालकी उपलब्ध है। जिसकी कीमत 150 से 1000 रुपये, रंग-बिरंगे झूले 150 से 600 रुपये, लड्डू गोपाल की टोकरी 200 से 500 रुपये, सिंहासन 250 से 600 रुपये, भोग बर्तन सेट 50 से 100 रुपये, बेड 300 से 1000 रुपये, लड्डू गोपाल 100 से 1100 रुपये, प्रतिमा 250 से 800 रुपये तक बाजार में उपलब्ध है।

Edited By Raksha Panthri

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept