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पर्वतीय क्षेत्रों पर जाने वाले वाहनों को मिले कर छूट: कांग्रेस

कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पहाड़ी मार्गों एवं चारधाम यात्रा मार्ग पर चलने वाले टैक्सी जीप वाहनों पर बीमा व प्रदूषण प्रमाण पत्र में छूट की मांग की।

By Bhanu Prakash SharmaEdited By: Published: Sun, 05 Apr 2020 10:20 AM (IST)Updated: Sun, 05 Apr 2020 10:20 AM (IST)
पर्वतीय क्षेत्रों पर जाने वाले वाहनों को मिले कर छूट: कांग्रेस

देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखकर पहाड़ी मार्गों एवं चारधाम यात्रा मार्ग पर चलने वाले टैक्सी, जीप वाहनों पर लिए जानेवाले कर, बीमा व प्रदूषण प्रमाण पत्र में छह माह की छूट देने की मांग की है।

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पत्र में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में लागू लॉक डाउन के चलते वाहनों के फिटनेस और परमिट पर छूट दे चुकी है। इसी प्रकार पहाड़ी मार्गों एवं चारधाम यात्रा मार्ग पर चलने वाले टैक्सी, जीप वाहनों पर लिए जाने वाले टैक्स, बीमा व प्रदूषण प्रमाणपत्र में छह माह की छूट दी जानी चाहिए। 

एक अन्य बयान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष नारायण पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भर्त्सना की है। कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को लॉकडाउन में जरूरतमंद लोगों एवं गरीब मजदूरों की मदद करने को कहा है। इन्हीं निर्देशों के तहत नारायण पाल एवं उनके सहयोगी जरूरतमंद और बीमार लोगों की मदद कर रहे थे। उन्होंने नारायण पाल के विरुद्ध दर्ज केस वापस लेने की मांग की।

राशन किट बांटने की गति बेहद धीमी : इंदिरा हृदयेश

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि सरकार की ओर से गरीबों का कच्चा राशन किट का वितरण बेहद धीमी गति से किया जा रहा है। इस वजह से लॉकडाउन को एक हफ्ते बाद भी गरीब व्यक्ति तक मदद नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि वन निगम ने खनन श्रमिकों को राशन बांटने का काम ठीक से नहीं किया है। जो राशन बंटा है, वह इतना कम है कि एक परिवार का का तीन दिन गुजारा होना मुश्किल है।

कोरोना से लड़ाई में शिक्षक बटाएंगे हाथ

कोरोना वायरस की रोकथाम और इससे बचाव के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जा रही है। शासन, प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य कर्मी समेत अन्य योद्धा इसमें अपना हाथ बंटा रहे हैं। अब शिक्षा विभाग भी इसमें सहयोग देगा। विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षक जिला प्रशासन की हेल्पलाइन समेत अन्य में प्रशासनिक मदद मुहैया करवाएंगे।

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जिला प्रशासन की सहायता के लिए दून के विभिन्न स्कूलों से प्रधानाचार्य और शिक्षकों की ड्यूटी तय कर दी गई है। इन लोगों को जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में विभिन्न कार्य सौंपे गए हैं। शिक्षकों को 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहना होगा। इसके लिए शिफ्ट लगाई जाएगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी आशारानी पैन्यूली ने बताया कि इस संकट की घड़ी में शिक्षक और प्रधानाचार्य से भी प्रशासन की सहायता के लिए अपील की जा रही है।

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