पांच साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को आठ साल की कैद, टाफी का लालच देकर बच्ची के साथ गलत काम करता था दुकानदार

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर के अनुसार 16 जुलाई 2018 को डोईवाला कोतवाली में क्षेत्र की एक महिला ने अपनी पांच साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किए जाने की शिकायत की थी। 16 जुलाई 2018 को बच्ची राजीवनगर में सचिन की दुकान पर फ्रूटी लेने गई थी।

Sumit KumarPublish: Thu, 30 Jun 2022 08:48 PM (IST)Updated: Thu, 30 Jun 2022 08:48 PM (IST)
पांच साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को आठ साल की कैद, टाफी का लालच देकर बच्ची के साथ गलत काम करता था दुकानदार

जागरण संवाददाता, देहरादून: विशेष न्यायाधीश पोक्सो मीना देउपा की अदालत ने पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए आठ साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह धनराशि अदा नहीं करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अर्थदंड की धनराशि में से 40 हजार रुपये पीडि़ता को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएंगे।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर के अनुसार, 16 जुलाई 2018 को डोईवाला कोतवाली में क्षेत्र की एक महिला ने अपनी पांच साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किए जाने की शिकायत की थी। तहरीर में बताया गया कि 16 जुलाई 2018 को बच्ची राजीवनगर में सचिन की दुकान पर फ्रूटी लेने गई थी। बच्ची के पीछे-पीछे उसकी बुआ भी दुकान पर पहुंच गई।

वहां उन्होंने देखा कि सचिन बच्ची के साथ गलत हरकतें कर रहा है। जब बच्ची रोई तो वह उसे चुप कराने लगा। इसके बाद बच्ची को लेकर उसकी बुआ वहां से चली गई। बच्ची ने घर पहुंचकर बताया कि आरोपित उसे अक्सर दुकान में बुलाता है और टाफी का लालच देकर गलत काम करता है।

किसी को भी इस बारे में बताने पर वह बच्ची को पिटाई का भय दिखाता था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तभी सचिन को गिरफ्तार कर लिया था। गुरुवार को न्यायालय ने उसे प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

कन्हैया लाल के हत्यारों को मिले सख्त सजा

मसूरी : राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल हत्याकांड के चलते हर तरफ आक्रोश है। करणी सेना ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वालों को सख्त सजा देने की मांग की है।

करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष जयबीर सिंह के नेतृत्व में मसूरी इकाई के कार्यकत्र्ता गुरुवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे, लेकिन एसडीएम के न मिलने पर उन्होंने नायब तहसीलदार भोपाल सिंह चौहान के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन देने वालों में ईश्वरी दत्त बरमोला, आलोक मल्होत्रा, आदर्श शर्मा, कुलदीप जदवाण, रितु शर्मा, गुड्डी देवी, मुकेश धनाई आदि शामिल रहे।

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Edited By Sumit Kumar

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