दूषित जल की सप्लाई से ग्रामीण परेशान

सीमांत जनपद चमोली के देवाल विकासखंड में पानी की किल्लत और दूषित जल की सप्लाई से ग्रामीण परेशान हैं। लेकिन जलसंस्थान समस्या के निदान के लिए सार्थक पहल नहीं कर पाया है। जिससे क्षेत्रवासी गर्मी में पानी की कमी और बरसात होने पर मिट्टीयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं।

JagranPublish: Sun, 26 Jun 2022 05:57 PM (IST)Updated: Sun, 26 Jun 2022 05:57 PM (IST)
दूषित जल की सप्लाई से ग्रामीण परेशान

संवाद सहयोगी, देवाल/कर्णप्रयाग: सीमांत जनपद चमोली के देवाल विकासखंड में पानी की किल्लत और दूषित जल की सप्लाई से ग्रामीण परेशान हैं। लेकिन जलसंस्थान समस्या के निदान के लिए सार्थक पहल नहीं कर पाया है। जिससे क्षेत्रवासी गर्मी में पानी की कमी और बरसात होने पर मिट्टीयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं।

ग्रामीण मोहन सिंह ने बताया कि देवाल के ल्वाणी गांव के ग्रामीण नलों से गंदा पानी आने पर प्राकृतिक स्त्रोत से पानी ढ़ोने को विवश हैं। कांडई-लग्गा ताजपुर मोटर मार्ग का मलवा सड़क निर्माण कर रही कंपनी की ओर से डंपिंग जोन में डालने के बजाय ल्वाणी गांव को आ रही पेयजल योजना के जल स्त्रोत पर डाला गया है। जिस कारण नलों से गंदा पानी आ रहा है। ग्रामीण प्रताप सिंह कहते हैं कि सरकार की जल मिशन योजना में लाखों की राशि व्यय की गई, लेकिन शुद्ध पानी के लिए आज भी ग्रामीण टकटकी लगाए हैं। हर वर्ष गर्मी में जल संकट और बरसात में दूषित पानी की समस्या होती है, लेकिन 45 परिवार प्राकृतिक स्त्रोत से पानी ढोने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी मवेशियों को पानी पिलाने की होती है।

इसी तरह नगर क्षेत्र कर्णप्रयाग के मुख्य बाजार, अपर बाजार, आईटीआई एवं देवतोली में जलसंकट की समस्या से होटल व्यवसायी सहित घरेलू उपभोक्ता परेशान हैं। वहीं बरसात में मिट्टीयुक्त पानी घरों तक पहुंचने से जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन जलसंस्थान तैयार टैंकों पर वाटर फिल्टर नहीं लगा सका है। उपभोक्ता अनिल कुमार कहते हैं कि अपर बाजार, अस्पताल परिसर में गंदे पानी की शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की जा चुकी है। जिस पर विभाग ने शासन को फिल्टर लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा, लेकिन आज तक बजट की राशि न मिलने से क्षेत्रवासियों को शुद्ध पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी है।

उपभोक्ता उमेश, सब्बल, विकास ने कहा कि एक ओर बारिश से जलस्त्रोतों पर पर्याप्त पानी नजर आ रहा है। वहीं जलसंस्थान की लाखों की योजना मात्र दिखावा बनकर रह गई है। इस संबंध में जलसंस्थान के सहायक अभियंता डीसी पुरोहित ने बताया कि लिफ्ट पेयजल योजना से नगर की अधिकांश आबादी को जोड़ शुद्ध जल पहुंचाया जा रहा है। वाटर फिल्टर लगाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।

Edited By Jagran

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