पहाड़ों में जिंदगी ठिठुरी, लोग घरों में कैद

संवाद सहयोगी गोपेश्वर चमोली जिले में भारी बर्फबारी के साथ बारिश के चलते ठिठुरन बढ़ गई

JagranPublish: Wed, 05 Jan 2022 05:05 PM (IST)Updated: Wed, 05 Jan 2022 05:05 PM (IST)
पहाड़ों में जिंदगी ठिठुरी, लोग घरों में कैद

संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: चमोली जिले में भारी बर्फबारी के साथ बारिश के चलते ठिठुरन बढ़ गई है। जिले में 15 से अधिक गांव में पैदल मार्गों पर आवाजाही ठप होने के बाद लोग घरों में ही कैद हो गए हैं। राहत की बात यह है कि इन गांवों में जनवरी माह तक का राशन पहुंच चुका है। मगर बर्फबारी के बाद इन गांवों की काश्तकारी प्रभावित हुई है। औली, गोरसों, ब्रहमताल, बदरीनाथ, नीती माणा घाटी व हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बाद यहां के नजारे देखने लायक हैं।

सीमांत चमोली जिले के पाणा, ईराणी, रामणी, घूनी सहित 15 से अधिक गांवों में भारी हिमपात के बाद ग्रामीण घरों के अंदर ही कैद होकर रह गए हैं। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में दो दिनों से हो रही बर्फबारी के बाद यहां दो फीट के करीब बर्फ जमी हुई है। देशी विदेशी पर्यटक यहां जमीं बर्फ का आनंद ले रहे हैं। पर्यटक बफीर्ली वादियों के बीच रोपवे से औली पहुंच रहे हैं और फिर यहां चेयर लिफ्ट में बैठकर प्रकृति का आनंद उठा रहे हैं। देवाल के प्रसिद्ध ब्रहमताल ट्रैक पर भी भारी बर्फबारी के बाद यहां पर्यटकों ने डेरा जमाया हुआ है। वेदनी, ग्वालदम, नीती, माणा घाटी भी बर्फ से पटी हुई है। इसके अलावा जिले की अधिकतर चोटियां भी बर्फ से सफेद दिख रही है। जिला पूर्ति अधिकारी शशिकला फस्र्वाण ने बताया कि बर्फबारी प्रभावित सभी गांवों में जनवरी माह तक का राशन पहुंचा दिया गया है। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने बर्फबारी व बारिश के बाद प्रभावित इलाकों के निवासियों को अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी मौसम पर चौबीसों घंटे नजर रखने के निर्देश दिए हैं। ताकि बारिश, बर्फबारी के बाद आने वाली दिक्कतों से निपटा जा सके।

Edited By Jagran

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