यूपी विधानसभा चुनाव के लिए वाराणसी के कार्मिकों की ड्यूटी आज होगा फाइनल, प्रशिक्षण की तिथि भी निर्धारित

UP Vidhan Sabha Chunav 2022 कार्मिकों का प्रशिक्षण उदय प्रताप इंटर कालेज में निर्धारित किया गया है। दूसरी तरफ मास्टर ट्रेनरों का भी ट्रेंड किया जा रहा है। इस बार 90 से अधिक मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं ।

Saurabh ChakravartyPublish: Fri, 28 Jan 2022 10:07 AM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 10:07 AM (IST)
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए वाराणसी के कार्मिकों की ड्यूटी आज होगा फाइनल, प्रशिक्षण की तिथि भी निर्धारित

जागरण संवाददाता, वाराणसी: विधानसभा चुनाव की तैयारी अब अंतिम दौर में है। पीठासीन से लगायत मतदान अधिकारियों की ड्यूटी पत्र जारी कर दिया गया है। इसे आज अंतिम रूप दिया जाएगा। लगभग 19 हजार से अधिक कार्मिमो की तैनाती की जा रही हैं। प्रशिक्षण की भी तिथि फाइनल की जा चुकी है। एक फरवरी से प्रथम चरण का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा।

इस बार कार्मिको का प्रशिक्षण उदय प्रताप इंटर कालेज में निर्धारित किया गया है। दूसरी तरफ मास्टर ट्रेनरों का भी ट्रेंड किया जा रहा है। इस बार 90 से अधिक मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं । यह मतदान के दिन किसी बूथ पर होने वाली दिक्कतों को दूर करेंगे। इसमे ईवीएम के तकनीकी प्रॉब्लम को दूर करने को लेकर ज्यादा मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं।

पीठासीन अधिकारी समेत एक बूथ पर चार मतदान अधिकारी तैनात होंगे। सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट की ट्रेनिंग पहले ही पूरी करायी जा चुकी है। ये सभी बूथ पर नजर रखेंगे। सुरक्षा मुक्कमल इंतजाम के साथ मतदाताओं को कोई परेशानी न हो, इस पर ज्यादा फोकस करेंगे।

सोशल मीडिया पर नजर रखने को विशेष बल

विधानसभा की चुनाव तिथि जैसे जैसे नजदीक आती जा रही है। आचार संहिता के अनुपालन को लेकर सख्ती भी तेज हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखने को एक बार पुनः निर्देश जारी किया है। साथ ही इसकी मॉनिटरिंग ई डिस्ट्रिक्ट कार्यालय से किए जाने को कहा है। साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि कार्रवाई की प्रतिदिन की रिपोर्ट जारी की जाए। आयोग को भी संज्ञान में दिया जाए। किसी भी हाल में किसी के साथ जबरदस्ती सख्ती न हो लेकिन आचार संहिता के अनुपालन में लापरवाही पर किसी को बख्शा भी न जाए ।

बूथों का अंतिम रूप से सत्यापन

जिलाधिकारी ने सभी रिटर्निंग अफसर को बूथों का सत्यापन अंतिम रूप से कर लेने का निर्देश दिया है। कहा है कि अधिकारी बूथ पर जाकर स्वयं इस बात से अवगत हो कि बूथ पर पेयजल की व्यवस्था, दिव्यञ्जनो के लिए रैंप की व्यवस्था, शौचालय आदि है कि नहीं। इस कार्य मे किसी भी स्तर में चूक हैं होनी चाहिए।

Edited By Saurabh Chakravarty

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept