जानें कौन हैं बनारस की बेटी शिवांगी, जो वायुसेना में उड़ाती हैं लड़ाकू विमान, आनंद महिंद्रा ने नाम दिया राफेल रानी

Women Fighter Aircraft Pilot Shivangi Singh बनारस में पली बढ़ीं और बीएचयू से एनसीसी करने के बाद शिवांगी सिंह ने भारतीय वायु सेना की राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का सौभाग्‍य हासिल किया है।

Saurabh ChakravartyPublish: Wed, 26 Jan 2022 06:58 PM (IST)Updated: Wed, 26 Jan 2022 08:36 PM (IST)
जानें कौन हैं बनारस की बेटी शिवांगी, जो वायुसेना में उड़ाती हैं लड़ाकू विमान, आनंद महिंद्रा ने नाम दिया राफेल रानी

वाराणसी, इंटरनेट डेस्‍क। गणतंत्र दिवस के मौके पर बुधवार को दिल्‍ली के राजपथ पर परेड में निकली भारतीय वायुसेना की झांकी में देश की महिला राफेल लड़ाकू विमान पायलट वाराणसी की शिवांगी सिंह ने भी भाग लिया। वह वायु सेना की झांकी का हिस्सा बनने वाली दूसरी महिला लड़ाकू विमान पायलट हैं। शिवांगी सिंह साल 2017 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुई थीं। वाराणसी के फुलवरिया रेलवे क्रासिंग के पास सालों से उनका परिवार रह रहा है। शिवांगी सिंह के पिता का नाम कुमारेश्वर सिंह है और माता सीमा सिंह हैं। वहीं दो भाई मयंक व शुभांशु और एक बहन हिमांशी सिंह है। इस बीच गणतंत्र दिवस के मौके पर शिवांगी सिंह की तस्वीर को कोट करते हुए बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने लिखा - 'हां, आपने उन्हें दिखा दिया शिवांगी! आप हमारी राफेल रानी हो.'

फ्रांस से राफेल विमानों का बेड़ा भारत आने के बाद से ही चर्चा थी कि आखिर कौन फाइटर पायलट इन आधुनिक विमानों को उड़ाएगा। वहीं भारतीय वायु सेना में महिला फाइटर पायलटों की भर्ती शुरु होने के बाद राफेल विमान को उड़ाने का सौभाग्‍य पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से बनारस की बेटी शिवांगी सिंह को मिला है। बनारस में पली बढ़ीं और बीएचयू से एनसीसी करने के बाद शिवांगी ने भारतीय वायु सेना की राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का सौभाग्‍य हासिल किया है। बनारस ही नहीं बल्कि देश में भी वायुसेना की ओर से बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह राफेल पर नजर आईं।

महिला लड़ाकू पायलटों के दूसरे बैच के हिस्से के रूप में शिवांगी सिंह को वर्ष 2017 में भारतीय वायु सेना में कमीशन मिला था। वाराणसी जिले की मूल निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह प्रशिक्षण के बाद अंबाला में मौजूद भारतीय वायु सेना की 17 स्क्वाड्रन गोल्डन एरो में शामिल हुई। भारतीय वायु सेना में वर्ष 2017 में शामिल होने के बाद से ही शिवांगी सिंह मिग -21 बाइसन जैसा विमान उड़ा रही हैं। वह अंबाला में भारत के सर्वश्रेष्ठ फाइटर पायलटों में से एक विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान के साथ भी रह चुकी हैं।

शिवांगी के पिता ने बताया कि उसका सपना था कि वह विमान उड़ाएं। शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह ने बताया कि हम लोगों को गर्व है कि हमारी बेटी बनारस के साथ ही देश का नाम रोशन करेगी। शिवांगी ने 2013 से 2016 तक बीएचयू के एनसीसी का प्रशिक्षण लिया था और सनबीम भगवानपुर से बीएससी किया था। शिवांगी की मां सीमा सिंह गृहिणी हैं और भाई मयंक बनारस में 12 वीं का छात्र है। पिता ने बताया कि उनका ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है। सामान्य परिवार में रहने के बाद भी बेटी के सपने देश की उंचाईयों पर जाने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। पिता ने बताया कि - 'बेटी राफेल उड़ाएगी इससे बड़ी खुशी पिता के लिए क्या हो सकती है।'

राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह वाराणसी में स्कूलिंग के बाद उच्‍च शिक्षा के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) पढ़ने गई थीं। बीएचय में ही वह नेशनल कैडेट कोर में 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा थीं। इसके बाद वर्ष 2016 में प्रशिक्षण के लिए वायु सेना अकादमी उन्‍होंने ज्‍वाइन की थी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी भारतीय वायुसेना के सबसे पुराने जेट विमान मिग -21 बाइसन और सुखोई एमकेआई से लेकर आधुनिकतम राफेल विमान को उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला भी हैं। वहीं इस बाबत जानकारी मिलने के बाद से ही शिवंगी के घर में जश्‍न का माहौल है। परिवार को जहां अपनी बेटी पर गर्व है वहीं पड़ोसियों के अनुसार शिवांगी के सपने हमेशा से ऊंचे रहे हैं और आज वह आसमान की बुलंदियों को छू रही है।

Edited By Saurabh Chakravarty

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept