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पंचायत चुनाव की आहट अब गांव की गलियों से निकलकर थाने ब्लाक व तहसील तक पंहुचने लगी

पंचायत चुनाव की आहट अब गांव की गलियों से निकलकर थाने ब्लाक व तहसील तक पंहुचने लगी है।

Saurabh ChakravartyWed, 04 Mar 2020 05:29 PM (IST)
पंचायत चुनाव की आहट अब गांव की गलियों से निकलकर थाने ब्लाक व तहसील तक पंहुचने लगी

बलिया, जेएनएन। पंचायत चुनाव की आहट अब गांव की गलियों से निकलकर थाने ब्लाक व तहसील तक पंहुचने लगी है। क्रीच चढ़ाकर संभावित प्रत्याशी लोगों के निजी कामों के लिए मैदान में उतरने लगे हैं और इसी के साथ वर्षों से दबे रुके नाली नाबदान चकरोड के विभिन्न मामलों की तहरीरें प्रशासनिक अधिकारियों की टेबल की शोभा बढ़ाने लगी है। विगत एक माह में समूचे क्षेत्र से एक के बाद एक कई गांवों में इस तरह के संघर्षों की कहानी लोगों की जुबान पर है। सुबह सड़क और टहलने वालो से लेकर शाम को चट्टी चौराहे की चौपाल पर भी इस विषय की प्रमुखता बनी हुई है।

चुनावी तनातनी का आलम यह है कि अब गांव की चौपाल पर सुलझने वाले मामूली विवाद भी तहरीर की शक्ल लेकर थाने पहुंचने लगे हैं। आम आदमी के साथ भी एक खास की उपस्थिति है और आसानी से सुलझने वाले विवाद को भी सुलझाने में कई दिन का समय लग जा रहा है। इस राजनीतिक माहौल से जहां एक तरफ गांवों की सामाजिक समरसता खतरे में है वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर गुटबाजी का दौर भी चरम पर हैं।

प्रधानजी के कामों का हो रहा हिसाब

पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के तेज होने के बाद सबसे बड़ा झटका वर्तमान प्रधानों को लगा है। धड़ाधड़ पंचायतों की सूचनाएं मांगी जा रही हैं और ब्लाक पर सूचनार्थियों की तादाद बढ़ गयी है। सचिवों को मिले सूचना के पत्र प्रधानों के टेंशन बढ़ा रहें है। अब यह गांव के कामकाज का तकाजा ही है कि लोग बड़े हनक से बता रहें हैं कि, उनकी सूचना मांग ली गयी है। नरेगा, राज्य वित्त, चौदहवां राज्य वित्त के कामों की जानकारी ऐसे मांगी जा रही है । मानों इसे मांगकर प्रधान की कुंडली मांग ली गयी है। अब जिन प्रधानों को अपने कामकाज का भरोसा है उन्हें तो कुछ चैन है बाकी कुछ ज्यादा ईमानदार प्रधान इसे लेकर भी खासा परेशान हैं। ग्राम पंचायत के खर्चों का हिसाब एक ऐसा वरदान हो गया है। जिसे चुनावी समर का हर योद्धा पा लेना चाहता है। कुछ राह चलते कारवाइयों का भी हिसाब लगा रहें हैं कि आखिरकार मामले में कारवाई क्या होगी।  कुछ सरेआम प्रधान की अनियमितताओं की घोषणा करते हुए चुनावी बिगुल फूंक रहे हैं।

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