उत्‍तर प्रदेश में अगले 24 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ का असर लाएगा गलन, ठिठुरेगा समूचा पूर्वांचल

चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री कम रहा। न्‍यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री कम रहा। आर्द्रता इस दौरान अधिकतम 92 फीसद और न्‍यूनतम 69 फीसद दर्ज की गई।

Abhishek SharmaPublish: Sun, 16 Jan 2022 09:36 AM (IST)Updated: Sun, 16 Jan 2022 09:36 AM (IST)
उत्‍तर प्रदेश में अगले 24 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ का असर लाएगा गलन, ठिठुरेगा समूचा पूर्वांचल

वाराणसी, जागरण संवाददाता। पूर्वांचल में मौसम का रुख बदलाव की ओर होने जा रहा है। दरअसल पश्चिमी विक्षोभ का असर अब पाकिस्‍तान के रास्‍ते राजस्‍थान और हरियाणा तक दाखिल हो चुका है। अगले चौबीस घंटों के बाद इसका असर उत्‍तर प्रदेश के मध्‍य से लेकर पूर्वांचल तक हो सकता है। इसकी वजह से बूंदाबांदी, आसमान में बादल, ओलावृष्टि सहित कोहरा और गलन का प्रकोप भी देखने को मिल सकता है। इससे पहाड़ों पर जहां बर्फबारी होगी वहीं बर्फ पिघलने का असर मैदानी इलाकों में पछुआ हवाओं की वजह से होने के बाद माह भर गलन का दौर नजर आने लगेगा। 

बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री कम रहा। न्‍यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री कम रहा। आर्द्रता इस दौरान अधिकतम 92 फीसद और न्‍यूनतम 69 फीसद दर्ज की गई। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों के अनुसार पूर्वांचल में मौसम का रुख आने वाले कुछ घंटों में बदलने जा रहा है। एक ओर वातावरण में आर्द्रता में इजाफा हुआ है तो दूसरी ओर अधिकतम और न्‍यूनतम तापमान दोनों ही दो- दो डिग्री सेल्सियस कम हुए हैं। इस लिहाज से मौसमी बदलाव सेहत संबंधी चुनौतियां देता नजर आ रहा है।

मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों के अनुसार पूर्वांचल में आसमान साफ है लेकिन अंचलों में कोहरे का असर दिख रहा है। जबकि पश्चिमी विक्षोभ के दो दौर देश में प्रवेश करने जा रहे हैं। एक के पीछे दूसरे पश्चिमी विक्षोभ का असर होने की वजह से वातावरण में गलन का पूर्वानुमान भी होने लगा है। वातावरण में अब आर्द्रता में भी इजाफा होगा और मौसम का रुख लोगों को सेहत संबंधी चुनौतियां भी देता नजर आएगा। मौसम विज्ञानी मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में मौसम का रुख गलन की ओर दोबारा होगा। जबकि पहाड़ों पर बर्फबारी होने के बाद सर्द हवाएं पखवारे भर तक काबिज रहेंगी। 

Edited By Abhishek Sharma

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