काशी विश्‍वनाथ कारिडोर : 352 साल बाद मूल स्वरूप में आया काशी विश्वनाथ मंदिर

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में राग-विराग दोनों ही अपनी अलौकिक आभा के साथ सुभाषित व प्रकाशित हो उठा है। शायद अब 352 साल बाद महालय का पुरातन से भी नव्य-भव्य स्वरूप निखर कर दुनिया के सामने आया है। लंबी प्रतीक्षा के बाद यह जो शुभ बेला आई है।

Saurabh ChakravartyPublish: Mon, 13 Dec 2021 12:25 PM (IST)Updated: Mon, 13 Dec 2021 01:45 PM (IST)
काशी विश्‍वनाथ कारिडोर : 352 साल बाद मूल स्वरूप में आया काशी विश्वनाथ मंदिर

इंटरनेट डेस्‍क, वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में राग-विराग दोनों ही अपनी अलौकिक आभा के साथ सुभाषित व प्रकाशित हो उठा है। शायद अब 352 साल बाद महालय का पुरातन से भी नव्य-भव्य स्वरूप निखर कर दुनिया के सामने आया है। शिवपुरी में आस्था का रेला हिलोर ले रहा है। लंबी प्रतीक्षा के बाद यह जो शुभ बेला आई है, उसका साक्षी बनने के लिए काशी में मानों पूरा देश उमड़ पड़ा है। बस कुछ घंटों बाद 5,27,730 वर्ग फीट में विस्तारित सज-संवर कर तैयार श्रीकाशी विश्वनाथ धाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को समर्पित करेंगे। इसके साथ 13 दिसंबर को सनातन संस्कृति के इतिहास में एक स्वर्णिम पृष्ठ और जुड़ेगा। समस्त ज्योतिर्लिंगों के प्रतिनिधियों समेत देशभर के 150 से अधिक धर्माचार्य, संत-महंत व प्रबुद्धजन इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे। भाजपा शासित प्रांतों के 10 मुख्यमंत्री, सात उपमुख्यमंत्रियों समेत देश भर के राजनेता भी इसमें शामिल होने वाले हैं। जन आस्था के शीर्ष केंद्र के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से पूरे देश को जोडऩे के लिए 51,000 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन तैयार है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का काशी के दो दिनी प्रवास के लिए सोमवार सुबह 11 बजे आगमन होना है। काशी की परंपरानुसार सबसे पहले शहर कोतवाल कालभैरव का दर्शन-पूजन कर अनुमति लेंगे। राजघाट होते जलमार्ग से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम जाएंगे। गंगा को प्रणाम कर जल कलश लिए भव्य द्वार से बाबा के विस्तारित दरबार में प्रवेश करेंगे और देशभर की 21 नदियों के जल से काशीपति का अभिषेक करेंगे। श्रीकाशी विद्वत परिषद के मार्ग दर्शन में पं. श्रीकांत मिश्रा, डा. नागेन्द्र पांडेय, पं. ओमप्रकाश मिश्रा समेत श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक गण बाबा का षोडशोपचार पूजन करने के साथ अन्य अनुष्ठान कराएंगे। मंदिर चौक द्वार की दर्शन गैलरी के एकाकार दृष्टिपथ से बाबा दरबार गर्भगृह और गंगधार को शीश नवाएंगे। शिलापट का अनावरण कर सजे-संवरे श्रीकाशी विश्वनाथ धाम को भक्तों के नाम करेंगे। पीएम मंदिर के विशाल चौक में देश भर से आए संत-महंतों के साथ संवाद करेंगे और विभोर मन से उन श्रमयोगियों को नमन करेंगे जिन्होंने तय समय से कम अवधि में ही बाबा के धाम को पूर्णता दी। उन्हें सम्मानित करने के साथ ही उनके संग बाबा का प्रसाद भी सिर माथे लगाएंगे। प्रधानमंत्री धाम में बनी वाराणसी गैलरी, सिटी म्यूजियम, मुमुक्षु भवन समेत अन्य भवनों को भी देखेंगे। जल मार्ग से संत रविदास घाट और फिर सड़क मार्ग से बनारस रेल इंजन कारखाना जाकर विश्राम करेंगे। सायंकाल प्रधानमंत्री फिर संत रविदास घाट आएंगे। योगी आदित्यनाथ समेत सभी मुख्यमंत्रियों व उपमुख्यमंत्रियों संग जलयान से गंगा के घाटों की छटा निहारेंगे और दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री लगभग तीन घंटे जलयान पर होंगे।

ये मुख्यमंत्री होंगे उत्सव में शामिल

योगी आदित्यनाथ के अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गुजरात के भूपेंद्र भाई पटेल, हरियाणा के मनोहर लाल, हिमाचल के जयराम ठाकुर, त्रिपुरा के विप्लब कुमार देब, असम के हिमंता बिस्व सरमा, कर्नाटक के बसवराज बोम्बइ, मणिपुर के एन विरेन सिंह और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत समारोह में शामिल होंगे।

विहंगम योग संस्थान के वार्षिकोत्सव को संबोधित करेंगे पीएम :

प्रधानमंत्री सोमवार की रात बरेका गेस्ट हाउस में विश्राम के बाद मंगलवार सुबह 10 बजे से मुख्यमंत्रियों के साथ करीब ढाई घंटे की बैठक करेंगे। दोपहर में चौबेपुर के उमरहा स्थित स्वर्वेद महामंदिर जाएंगे, जहां विहंगम योग संस्थान के वार्षिकोत्सव को संबोधित करेंगे। दो दिवसीय प्रवास के बाद शाम पांच बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।

भारत व हर देशवासी के लिए गौरवमयी दिन

सोमवार का दिन भारत व हर देशवासी के लिए गौरवमयी दिन है, जब प्रधानमंत्री मोदी बाबा विश्वनाथ कारिडोर का लोकार्पण कर देश को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री ने सदियों से उपेक्षित सनातन संस्कृति के आस्था केंद्रों का गौरव व वैभïव लौटाने का भगीरथ कार्य किया है। श्रीराम जन्म भूमि हो या विश्वनाथ धाम का भव्य स्वरूप, इनका साक्षी बनना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है।

-गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का ट्वीट

Edited By Saurabh Chakravarty

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