काशी विश्‍वनाथ दरबार में पूजन की थाली में पूजन सामग्री की कटौती वायरल, लोगों ने उठाए सवाल

Kashi Vishwanath temple काशी विश्वनाथ धाम स्थित बाबा दरबार में पूजन के लिए दरों का निर्धारण किया गया है। इस समय 450 रुपये की कीमत में बाबा के अभिषेक की रसीद कटने के बाद पूजन सामग्री और प्रसाद संग दक्षिणा भी शामिल कर ली गई है।

Abhishek SharmaPublish: Mon, 24 Jan 2022 12:32 PM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 12:32 PM (IST)
काशी विश्‍वनाथ दरबार में पूजन की थाली में पूजन सामग्री की कटौती वायरल, लोगों ने उठाए सवाल

वाराणसी, जागरण संवाददाता। काशी विश्वनाथ धाम में बाबा दरबार स्थित गर्भगृह में मंदिर प्रशासन की ओर से उपलब्‍ध कराई जाने वाली पूजा की थाली से पंचामृत और गुलाब की माला गायब होने के बाद से हड़कंप मच गया है। जिले में ही नहीं अब प्रदेश भर में बाबा दरबार में पूर्व में सभी गतिविधि चर्चा के केंद्र में रही है। अब गुलाब के महंगे माला की जगह गेंदा के फूल की सस्‍ती माला थमाई जा रही है, लेकिन पूजा की थाली का रेट वही पुराना है।

इस बाबत बाबा दरबार में पहले आ चुके श्रद्धालुओं ने जब इसपर आपत्ति जताई तो मंदिर प्रशासन की ओर से कोरोना काल का बहाना बनाकर मात्रा कम करने की जानकारी दी गई। मगर आस्‍थावानों की आपत्ति इस बात पर रही कि पूजन थाली में मात्रा कम हो गई तो दर क्‍यों कम नहीं की गई है। वहीं बाबा के लिए पंचामृत हटाना भी आस्‍थावानों ने गलत बताया है। नव्‍य भव्‍य बाबा दरबार में आस्‍था दिनों दिन बढ़ती जा रही है, जबकि बाबा दरबार में होने वाली गतिविधि भी अब चर्चा के केंद्र में आ रही है।

इंटरनेट मीडिया में थाली की चर्चा : बनारस और यहां के लोगों के बीच बाबा दरबार की आस्‍था का यह क्रम लंबे समय से बरकरार रहा है। अब थाली में सामग्री कम होने के बाद से लोग खूब चर्चा बाबा को चढ़ने वाले प्रसाद को लेकर कर रहे हैं। वहीं जागरण की खबर इंटरनेट मीडिया पर भी सोमवार से खूब वायरल हो रही है। बाबा दरबार में आस्‍था के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाकर लोग मंदिर प्रशासन के साथ ही सरकार के प्रयासों को भी अब कठघरे में खड़ा करने लगे हैं। 

रसीद 450 रुपए, प्रसाद सौ पचास का : काशी विश्वनाथ धाम स्थित बाबा दरबार में पूजन के लिए अलग-अलग प्रकार की दरों का निर्धारण किया गया है। 450 रुपये की कीमत में बाबा के अभिषेक की रसीद कटने के बाद पूजन सामग्री और प्रसाद संग दक्षिणा भी शामिल कर ली गई है। मंदिर प्रशासन पूर्व में पूजा की थाली में अक्षत, हल्दी, भांग, रोली, भस्म- चंदन, चीनी, शहद, घी, दही, जनेऊ, बेलपत्र, कपूर, अबीर, सुपारी, गुलाब माला संग मिश्री का प्रसाद भी शामिल रहता था जो अब घटकर काफी कम हो गया है।

आस्‍थावानोंं की आपत्ति : श्रद्धालुओं ने इस पूजा की थाली पर आपत्ति दर्ज कराई तो उन्हें मंदिर प्रशासन की ओर से बताया गया कि तय किए गए आदेश के अनुसार ही पूजा में सामग्री दी जा रही है।

Edited By Abhishek Sharma

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