गणेश चतुर्थी 2022 : संतान की सुख-समृद्धि-आरोग्यता के लिए माताएं 21 जनवरी को रखेंगी संकष्टी चतुर्थी का व्रत

सनातन संस्कृति में माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को विध्नविनाशक गणेश जी की विशेष आराधना की जाती है। लोक व्यवहार में इसे संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस बार यह 21 जनवरी शुक्रवार को पड़ रही है।

Saurabh ChakravartyPublish: Wed, 19 Jan 2022 07:48 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 07:48 PM (IST)
गणेश चतुर्थी 2022 : संतान की सुख-समृद्धि-आरोग्यता के लिए माताएं 21 जनवरी को रखेंगी संकष्टी चतुर्थी का व्रत

जागरण संवाददाता, वाराणसी : सनातन संस्कृति में माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को विध्नविनाशक गणेश जी की विशेष आराधना की जाती है। लोक व्यवहार में इसे संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस बार यह 21 जनवरी शुक्रवार को पड़ रही है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार चतुर्थी तिथि 21 जनवरी को सुबह 7:26 बजे से लेकर 22 जनवरी शनिवार की सुबह 7:24 मिनट तक रहेगी। वहीं चंद्रोदय रात 8:39 बजे होगा। शुक्रवार को चतुर्थी तिथि में चंद्रोदय काल मिलने से माताएं 21 जनवरी को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखेंगी। शास्त्रीय मान्यताओं के मुताबिक माताएं अपनी संतान की दीर्घायु, आरोग्यता, सुख-समृद्धि की कामना के लिए भगवान गणेश की विशेष रूप से उपासना करती हैं। विधि-विधान से इस व्रत को करने वाले साधकों के जीवन में आने वाले समस्त संकट समाप्त हो जाते हैं। पुराणों की मानें तो संकटा चौथ के दिन ही भगवान गणेश के जीवन पर सबसे बड़ा संकट आया था। उन्हें हाथी का मस्तक लगाया गया था।

यह है व्रत की पूजन विधि

माताएं सुबह स्नान करने के बाद गणेश जी के व्रत करने का संकल्प लें। रात में नूतन वस्त्र धारण करके भगवान गणेश का पूजन करें।ओम गं गणपतये नम: मंत्र का जाप, गणेश स्तुति, गणेश चालीसा, संकटा चौथ व्रत कथा का श्रवण करें। पूजन में पांच मौसमी फल के साथ ही काली तिल और गुड़ से बने लड्डू, फूल-दुर्वा, अक्षत चढ़ाएं। इसके बाद दुग्ध से चंद्रदेव को अर्घ्य दें। इससे व्रतधारी को शुभफल की प्राप्ति होगी। पूजन के पश्चात फिर फलाहार ग्रहण करें।

कोविड गाइडलाइन का मंदिरों में होगा अनुपालन

संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत के दिन माताएं गणेश मंदिरों में दर्शन-पूजन करती हैं। लोहटिया स्थित बड़ागणेश मंदिर में प्रबंधन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। पं. रीतेश कुमार चौबे ने बताया कि शुक्रवार को गणेश जी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। वहीं श्रद्धालुओं को बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश नहीं करेंगे। मंदिर में कोई भी श्रद्धालु एक स्थान पर खड़ा नहीं होगा। शहर के अन्य गणेश मंदिरों में भी तैयारी पूरी कर ली गई है।

Edited By Saurabh Chakravarty

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