This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

बलिया में वन विभाग ने दिया सहजन के एक लाख पौधों का आर्डर, बढ़ाएंगे लोगों की इन्यूनिटी

कोरोना काल से उबरने के बाद अब प्रदेश सरकार गरीबों की इन्यूनिटी बढ़ाने पर विशेष फोकस होने जा रही है। तय हुआ है कि इंदिरा आवास लोहिया मुख्ममंत्री व प्रधानमंत्री आवास के बाहर जगह के अनुसार सहजन के पौधे लगाए जाएंगे।

Saurabh ChakravartySun, 06 Jun 2021 06:26 PM (IST)
बलिया में वन विभाग ने दिया सहजन के एक लाख पौधों का आर्डर, बढ़ाएंगे लोगों की इन्यूनिटी

बलिया, जेएनएन। कोरोना काल से उबरने के बाद अब प्रदेश सरकार गरीबों की इन्यूनिटी बढ़ाने पर विशेष फोकस होने जा रही है। तय हुआ है कि इंदिरा आवास, लोहिया, मुख्ममंत्री व प्रधानमंत्री आवास के बाहर जगह के अनुसार सहजन के पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिये शासन ने वन विभाग को एक लाख पौधे जुलाई से रोपने के आदेश दिये हैं। वन विभाग ने पंचायत राज व विकास विभाग से आवासों की सूची मांगी है। स्थान तय किये जा रहे हैं। करीब 10 हजार आवासों को चिह्नित कर लिया गया है। यह पौधरोपण पंचायत सचिव व क्षेत्रीय वन रेंजर की देखरेख में पूरा किया जाएगा। शासन की मंशा है कि सहजन के पेड़ लगेंगे तो इसके फल व पत्ती का सेवन कर सभी रोगों से लड़ सकेंगे। विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। वन विभाग ने पौधों का आर्डर दिया है। कार्रवाई तेज कर दी गई है।

सहजन के फायदे

- सहजन के तने, पत्ते, छाल, फूल, फल और कई अन्य भागों का अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है।

- जड़ से लेकर फल तक बहुत ही गुणकारी होता है. एंटीफंगल, एंटीवायरल, एंटी डिप्रेसेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं।

- यह कई तरह से खनिजों से भरपूर होता है. कैल्शियम का नॉन-डेयरी स्रोत है. इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम, जस्ता, आयरन, तांबा, फास्फोरस और जस्ता जैसे कई पोषक तत्व भी शामिल होते हैं।

सहजन के पौधे जुलाई से लगाए जाने हैं

सहजन के पौधे जुलाई से लगाए जाने हैं। इस ओर सरकार की मंशा बहुत साफ है। इंदिरा, लोहिया, मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को सूचीबद्ध किया गया है। इस संबंध में पौधों की डिमांड कर दी गई है।

- श्रद्धा यादव, जिला वन अधिकारी

परिवारों को रियायती दर पर राशन प्रदान किया

कोरोना संकटकाल के दौरान वाराणसी नगर उद्योग व्यापार मंडल एवं वानप्रस्थ सामाजिक संस्था की ओर से रविवार को जरूरतमंद परिवारों को रियायती दर पर आटा एवं चने की दाल उपलब्ध कराई गई। यह आयोजन अर्दली बाजार तिराहा स्थित उमराव सिंह कटरा में किया गया। वानप्रस्थ संस्था के महासचिव राकेश मिड्ढा ने बताया कि मध्यमवर्गीय परिवारों के सहयोग के लिए आटा 10 रुपये प्रति किलो व अरहर दाल 50 रुपये प्रति किलो की दर से वितरण किया जा रहा है। मंडल के अध्यक्ष संजीव सिंह बिल्लू ने कहा कि अभी तक 2600 मध्यम वर्गीय परिवारों को रियायती दर पर राशन प्रदान किया जा चुका है। पंजीकरण प्रमुख योगेश वर्मा ने बताया कि प्रत्येक परिवार को 10 किलो आटा एवं एक किलो अरहर दाल रियायती दर 150 रुपये मात्र में वितरित किया गया। इस मौके पर विनोद सिंह, मनोज दुबे, पवन सिंह, जितेंद्र लालवानी, प्रतीक गुप्ता, राकेश गुप्ता, राहुल बरनवाल आदि मौजूद थे।

Edited By: Saurabh Chakravarty

वाराणसी में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!