10 साल पहले नोएडा गया था बलिया का राजा बाबू, आर्थिक तंगी से उठाया आत्मदाह का आत्मघाती कदम

नई दिल्‍ली में सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग के गेट नंबर एक के सामने आग लगाकर आत्मदाह की कोशिश करने वाला राजा बाबू करीब दस वर्ष पूर्व बलिया से नोएडा चला गया था। दिल्‍ली में आर्थिक तंगी के कारण उसने आत्मघाती कदम उठाया।

Saurabh ChakravartyPublish: Fri, 21 Jan 2022 08:23 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 08:23 PM (IST)
10 साल पहले नोएडा गया था बलिया का राजा बाबू, आर्थिक तंगी से उठाया आत्मदाह का आत्मघाती कदम

बलिया, जागरण संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग के गेट नंबर एक के सामने शुक्रवार को खुद को आग लगाकर आत्मदाह की कोशिश करने वाला राजा बाबू 10 साल पहले बलिया से नोएडा चला गया था। वह वहां सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। उसने आर्थिक तंगी के चलते आत्मघाती कदम उठाया। घर वालों के मुताबिक जिस कंपनी में वह काम करता है, वहां समय पर मानदेय नहीं मिलने से परेशान था। राजा बाबू के भाई राजेश ने बताया कि देर शाम सूचना मिली। इससे स्वजन परेशान हो गए। राजा बाबू का परिवार बलिया में राजेंद्रनगर में रहता है। पत्नी, दो बेटी व एक बेटा घटना से अनभिज्ञ थे। राजा बाबू बहुत कम घर आता था। इससे पहले वह दीपावली में आया था। परिवार वालों से फोन पर अक्सर पैसे नहीं मिलने की बात कहता था।

राजा बाबू को कई महीनों का वेतन नहीं मिला

सुप्रीम कोर्ट के नए भवन के बाहर शुक्रवार दोपहर राजा बाबू ने खुद पर केरोसीन डाल कर खुदकुशी का प्रयास किया। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आग पर काबू पा उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। इस हादसे में अधेड़ 20 प्रतिशत तक जल गया है। अभी उनका उपचार किया किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों की माने तो उसकी हालत खतरे से बाहर है।

बताया कि जा रहा है कि जिस फैक्ट्री में वह काम करते थे वहां से उन्हें कई महीनों का वेतन नहीं मिला था। इससे वह काफी परेशान चल रहे थे। राजा का आरोप है कि तीन महीने से उन्हें वेतन नहीं दिया गया है। जब उन्होंने वेतन के लिए दबाव बनाया, तो उन्हें बकाया वेतन दिए नौकरी से ही निकाल दिया गया। अपने साथ हुए अन्याय को लेकर वह कई जगहों पर मदद की गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी सुनवाई कही नहीं हुई। ऐसे में निराश होकर वह आत्मदाह करने जैसा घातक कदम उठाने का फैसला किया।

Edited By Saurabh Chakravarty

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