सऊदी व दुबई से गांव पहुंचे पांच प्रवासी किए गए होम क्वारंटाइन

चिकित्साधिकारी व कोविड के नोडल अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणांचल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से बेलहरी सुरौली नटवा व पिडोरन में सऊदी से तीन व दुबई से दो प्रवासियों के आने की सूचना मिली थी। निगरानी समितियों को अलर्ट कर रैपिड एक्शन टीम के स्वास्थ्य कर्मी रविवार को गांव में पहुंच गए

JagranPublish: Sun, 05 Dec 2021 11:43 PM (IST)Updated: Sun, 05 Dec 2021 11:43 PM (IST)
सऊदी व दुबई से गांव पहुंचे पांच प्रवासी किए गए होम क्वारंटाइन

सुलतानपुर : ओमिक्रोन की आशंका को देखते हुए खाड़ी देशों सऊदी व दुबई से गांव पहुंचे प्रवासियों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के अलावा निगरानी समितियों को इन प्रवासियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। बलरामपुर अस्पताल भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट में कोरोना का संक्रमण पाए जाने पर जीनोम सिक्वेंसिग कराई जाएगी।

चिकित्साधिकारी व कोविड के नोडल अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि ग्रामीणांचल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से बेलहरी, सुरौली, नटवा व पिडोरन में सऊदी से तीन व दुबई से दो प्रवासियों के आने की सूचना मिली थी। निगरानी समितियों को अलर्ट कर रैपिड एक्शन टीम के स्वास्थ्य कर्मी रविवार को गांव में पहुंच गए। शारीरिक दूरी का अनुपालन करते हुए प्रवासियों की आरटीपीसीआर जांच की गई। साथ ही स्वास्थ्य बुलेटिन का पता लगाकर प्रवासियों को दवाएं भी वितरित की गई। एहतियातन सभी को एक सप्ताह के लिए होम क्वारंटाइन कर दिया गया। क्वारंटाइन अवधि पूरा करने के बाद भी सभी की दोबारा सैंपलिग कराई जाएगी। निगेटिव आने के बाद ही उन्हें आम जन के बीच में आने-जाने की इजाजत दी जाएगी। परिवारजन से प्रवासियों के यात्रा का इतिहास पता किया जा रहा है, ताकि उनके संपर्क में आने वाले लोगों को ट्रैस कर उनकी कोरोना जांच की जा सके।

प्रवासियों पर रखी जा रही विशेष नजर : जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एएन राय ने बताया कि अक्टूबर माह में 71 व 15 से 30 नवंबर तक कुल 309 लोग विदेश से जिले में पहुंचे हैं। ऐसे प्रवासियों की तलाश कर उनकी सैंपलिग कराई जा रही है। काफी संख्या में विदेश से आने वाले ऐसे भी लोगों की सूची एयरपोर्ट अथारिटी की तरफ से मिली है, जिनका स्थाई पता जिले का है, लेकिन वह किसी और जनपद में रह रहे हैं। इस तरह के लोगों को ट्रेस करने के लिए उस जनपद के प्रशासन की मदद ली जा रही है।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept