नम आंखों के साथ याद किए गए अमरगढ़ के बलिदानी

एक पखवारे तक चलने वाले अमरगढ़ महोत्सव का आगाज बेहद शानदार तरीके से हुआ। इस मौके पर स्कूली बचों ने देशभक्ति गीतों पर भावपूर्ण नृत्य किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्वजन को सम्मानित किया गया साथ ही बलिदानियों की स्मृति में धार्मिक अनुष्ठान हुए।

JagranPublish: Fri, 26 Nov 2021 11:07 PM (IST)Updated: Fri, 26 Nov 2021 11:07 PM (IST)
नम आंखों के साथ याद किए गए अमरगढ़ के बलिदानी

सिद्धार्थनगर : एक पखवारे तक चलने वाले अमरगढ़ महोत्सव का आगाज बेहद शानदार तरीके से हुआ। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर भावपूर्ण नृत्य किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्वजन को सम्मानित किया गया साथ ही बलिदानियों की स्मृति में धार्मिक अनुष्ठान हुए।

महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने शहीद स्थली पर तिरंगा फहरा कर किया। आज ही के दिन यहां 163 वर्ष पहले स्थानीय रणबांकुरों ने अंग्रेजों से मोर्चा लेते हुए देश के लिए खुद को कुर्बान कर दिया था। एक साथ सैकड़ों शीश जब अमरगढ़ के बलिदानियों को मौन श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे तो सभी की आंखों में नम थीं। विधायक ने कहा कि यह अमर बलिदानियों की धरती है। यहां उनकी याद में भव्य स्मारक बनेगा, जिसकी घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री कर चुकें हैं।

सीडीओ पुलकित गर्ग, एसडीएम प्रमोद कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष जफर अहमद, अधिशासी अधिकारी शिवकुमार, बीडीओ धनंजय सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविद माधव यादव, राजा योगेंद्र प्रताप, नरेंद्र मणि त्रिपाठी, ताकीब रिजवी आदि मौजूद रहे।

हुआ सर्वधर्म अनुष्ठान

महोत्सव में सुबह 11 बजे अमर बलिदानियों की आत्मा शांति के लिए सर्व धर्म की ओर से अनुष्ठान किए गए। पं. राकेश शास्त्री की अगुवाई में गायत्री शक्ति पीठ के 11 ब्राह्माणों ने यज्ञ कुड में आहुति डालकर भगवान से प्रार्थना की। चार मुस्लिम मौलाना मो. अब्बास शारीब, मौलाना महफूज हुज्जत आदि धर्म गुरुओं ने फातिहा पढ़ा। सिक्ख धर्म के ग्रंथी ज्ञानी प्रिस सिंह, जसराज सिंह, प्रतिपाल सिंह ने इसी समय गुरुग्रंथ साहब का पाठ किया। बौद्ध रीति के अनुसार आनंद सागर, अभयानंद, सुबाहु, प्रज्ञारत्न, शीलानंद आदि पूज्य भंतेगणों ने पूजन किया।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए सम्मानित

दोपहर बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में कांग्रेस की पूर्व विधायक कमला साहनी, सूर्य प्रकाश उपाध्याय, जहीर आलम, संजय, आफताब आलम, हरिनाथ यादव आदि हैं। आयोजन समिति की ओर से अंगवस्त्र एवं शहीद स्थली का प्रतिकात्मक स्मृति चिह्न भेंट किया।

Edited By Jagran

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