पुलिस सम्मान के साथ उधमसिंह नगर भेजा गया चौकी इंचार्ज का पार्थिव शरीर

श्च द्यद्ब म् ख्द्धद्बह्लद्ग-ह्यश्चड्डष्द्ग श्चह्मद्ग-ख्ह्मड्डश्च; 8 पुलिस सम्मान के साथ शनिवार को चौकी इंचार्ज का पार्थिंव शरीर पैतृक गांव भेजा

JagranPublish: Sat, 21 May 2022 11:21 PM (IST)Updated: Sat, 21 May 2022 11:21 PM (IST)
पुलिस सम्मान के साथ उधमसिंह नगर भेजा गया चौकी इंचार्ज का पार्थिव शरीर

पुलिस सम्मान के साथ उधमसिंह नगर भेजा गया चौकी इंचार्ज का पार्थिव शरीर

जेएनएन, शाहजहांपुर : पुलिस सम्मान के साथ शनिवार को चौकी इंचार्ज का शव उनके पैतृक गांव उत्तराखंड के उधम सिंह जिले के जसपुर भेजा गया। पुलिस लाइंस में डीएम उमेश प्रताप सिंह व एसपी एस आनंद समेत पुलिस के सभी अधिकारियों ने सलामी दी। पवन जलालाबाद थाना क्षेत्र के कस्बा चौकी इंचार्ज के पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी गीता देवी परिवार के साथ बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में रह रही है। शुक्रवार देर अपने पवन अपने साथी कांस्टेबल मनोज सैनी के साथ गश्त कर रहे थे। थाने से कुछ दूर नगरिया अस्पताल के पास सामने बेसहारा पशु आ जाने की वजह से उन्होंने बाइक रोक दी। शाहजहांपुर की ओर से आ रही डीसीएम ने बाइक में टक्कर मार दी थी। जिसके बाद पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक कार ने पवन को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक कार व डीसीएम छोड़कर भाग गए। शनिवार को उनके सेवानिवृत्त मेजर पिता रामकिशोर, मां दुलारी देवी व भाई राजेंद्र यहां पहुंच गए। पांच बच्चों के सिर से छिन गया पिता का साया पवन के दो बेटे दीपक व भैरव, तीन बेटी अंशू, वंशू व मेघा है। उनके सिर से पिता का साया उठ गया। पूरी जिम्मेदारी अब पत्नी गीता देवी पर आ गई है। पवन 21 अगस्त 1997 को बाराबंकी जिले में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। पांच माह पहले ही उनका स्थानांतरण शाहजहांपुर के लिए हुआ था।

Edited By Jagran

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