बहू को जिंदा जलाने वाली सास को आजीवन कारावास

बहू को जिंदा जलाकर मारने में सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

JagranPublish: Wed, 18 May 2022 10:57 PM (IST)Updated: Wed, 18 May 2022 10:57 PM (IST)
बहू को जिंदा जलाने वाली सास को आजीवन कारावास

बहू को जिंदा जलाने वाली सास को आजीवन कारावास

जेएनएन, शाहजहांपुर : बहू को जिंदा जलाकर मारने के मुकदमे में सास को अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम मोहम्मद कमर ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मृतका के पति, ससुर व अन्य ससुरालियों को भी नामजद कराया गया था, लेकिन पुलिस विवेचना के दौरान उनकी संलिप्तता नहीं पायी गई।

बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मुहल्ला भूड़ जोशी टोला निवासी मनोज शर्मा ने अपनी बेटी क्षमा शर्मा की शादी मीरानपुर कटरा के नखासा बाजार मुहल्ला निवासी सतीश से की थी। मनोज ने बताया कि शादी के बाद क्षमा ने चार बेटियों को जन्म दिया, जिसको लेकर ससुराल वाले उसे ताने देते रहते थे। परेशान करते थे। एक मार्च 2018 को क्षमा को उनके पति सतीश, ससुर राजेंद्र प्रसाद, सास रामकली, देवर विजय व देवरानी रिंकी ने केरोसिन डालकर जला दिया। क्षमा को बरेली के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मजिस्ट्रेट के सामने उन्होंने बयान दिए। तीन मार्च को पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस की जांच में सतीश, राजेंद्र, विजय व रिंकी की नामजदगी गलत पाई गई। जबकि रामकली के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। रामकली ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि घर में आग लगने से बहू भी झुलस गई थी, लेकिन सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह व उमेश चंद्र अग्निहोत्री ने मृतका के बयान, पुलिस की विवेचना व साक्ष्यों के आधार पर बहस करते हुए रामकली को सख्त सजा की मांग की। उन्होंने बताया कि क्षमा ने मजिस्ट्रेट को बताया था कि सास ने उनके मुंह पर भगोना फेंककर मारा था, जिससे वह गिर गईं। उसके बाद केरोसिन डालकर आग लगा दी। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों सरकारी अधिवक्ताओं के तर्कों से सहमत होते हुए रामकली को आजीवन कारावास व बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept