शासन ने मांगा छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों का विवरण

शासन ने मांगा छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों का विवरण

JagranPublish: Wed, 08 Jun 2022 11:56 PM (IST)Updated: Wed, 08 Jun 2022 11:56 PM (IST)
शासन ने मांगा छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों का विवरण

शासन ने मांगा छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों का विवरण

जेएनएन, शाहजहांपुर : परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा परिषद ने जिलों में छात्र संख्या अनुपात में शिक्षकों का विवरण मांगा है। माना जा रहा है कि इसके आधार पर शिक्षकों की तैनाती में असमानता की स्थिति में सुधार होगा। हालांकि अभी जिले में अभी विवरण तैयार नहीं हो सका है। निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत छात्र व शिक्षक संख्या अनुपात तय किया गया है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने सभी जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजा है, जिसमें अधिनियम के तहत 30 अप्रैल 2022 की छात्र संख्या के आधार पर जिलों में अनुमन्य पद व वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों की संख्या का विवरण मांगा गया है। इसके लिए बकायदा प्रारूप भेजा गया है। बुधवार तक इसे भरकर परिषद की ईमेल पर भेजा जाना था। अगर जिले की बात करें तो यहां तमाम ऐसे विद्यालय हैं जिनमें शिक्षकों की संख्या वहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या के अनुपात में अधिक है। जबकि कई विद्यालयों में यह काफी कम है। लगभग चार लाख छात्र-छात्राएं अगर बाल शिक्षाधिकार की बात करें तो 30 से 35 छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए, जबकि कई विद्यालयों में ऐसा नहीं है। जिले में 2720 परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें 3 लाख 91 हजार है छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। अभी विवरण पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है। इसे जल्द ही निदेशालय को भेजा जाएगा। यह विवरण क्यों मांगा जा रहा है इस बारे में कुछ ज्यादा जानकारी नहीं है। सुरेंद्र सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी

Edited By Jagran

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