जयंती पर याद किए गए आजाद हिद फौज के जनक

लोगों ने उनके पद चिन्हों पर चलने की शपथ ली और देशहित में काम करने का वचन दिया।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 11:06 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 11:06 PM (IST)
जयंती पर याद किए गए आजाद हिद फौज के जनक

संतकबीर नगर : खलीलाबाद के गोला बाजार में स्थित भाजपा के कैंप कार्यालय पर आजाद हिद फौज के जनक और महान देश भक्त सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान मौजूद लोगों ने उनके पद चिन्हों पर चलने की शपथ ली और देशहित में काम करने का वचन दिया।

इससे पूर्व नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। भाजपा नेता अंकुर राज तिवारी ने कहा कि नेताजी क्रांति से ही आजादी दिलाने के पक्षधर थे, इसलिए उन्होंने विदेशों में रहकर अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन किया। उन्होंने नौजवानों को एकत्रित कर 1943 में आजाद हिद फौज का गठन किया। नेताजी ने तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा का नारा बुलंद किया और युद्ध लड़कर अंग्रेजों को परास्त करने में अपनी भूमिका निभाई। नेताजी महान पुरुष थे और आजादी दिलाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। कार्यक्रम में चंद्रपाल सिंह, विनय दुबे, बागेश तिवारी, अमित चौबे, अवनीश पांडे, ठाकुर प्रसाद पांडे, रविद्र चौधरी, भोला अग्रहरी, रजत गुप्ता, नर्मदा मिश्रा, शूरसेन मिश्र समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। भगहुराम के पीठ की हड्डी का हुआ सफल आपरेशन

संतकबीर नगर : पीठ की टूटी हड्डी का सफल आपरेशन हड्डी व जोड़ रोग विशेषज्ञ डा. अमित सिंह ने जिला अस्पताल में करके भगहुराम को नई जिदगी दी। सड़क हादसे में उनके पीठ की हड्डी टूटकर अंदर धंस गई थी। वह पैरों से चल फिर नहीं पा रहे थे।

धनघटा थाना क्षेत्र के कुरमौल गांव के 45 वर्षीय भगहुराम करीब 15 दिन पहले सड़क हादसे में घायल हो गए थे। हादसे में उनकी पीठ की हड्डी टूट गई थी, जिससे वह चल-फिर नहीं पा रहे थे। उनके स्वजन उपचार के लिए जिला अस्पताल आए थे। जहां पर हड्डी व जोड़ रोग विशेषज्ञ डा. अमित सिंह ने मरीज को देखा। जांच के दौरान पीठ की हड्डी टूटकर नस दबने की बात सामने आई। डाक्टर ने कहा कि बिना आपरेशन के मरीज को ठीक नहीं किया जा सकता था। कुछ लोगों ने गोरखपुर मेडिकल कालेज में उपचार करने की बात कही। मरीज के स्वजन ने चिकित्सक से कहा कि धनाभाव के कारण हम कहीं नहीं जा सकते। जिस पर डा. सिंह ने आपरेशन करने पर सहमति जताई। उन्होंने बताया कि मरीज की दो सर्जरी करनी पड़ेगी। जिसमें पहली सर्जरी पैडिकल स्क्रू एंडरांड फिक्सेशन आफ स्पाइनल कालम व दूसरी सर्जरी एंटी कम्प्रेशन आफ स्पाइनल कार्ड की सर्जरी है। आपरेशन के दौरान मरीज के स्पाइनल कार्ड को खोलकर इससे दबाव को हटा दिया गया है। नसों पर टूटी हुई हड्डी के दबाव को कम करके पेंच और राड डालकर सर्जरी की गई। इस दौरान टाइटेनियम के चार पेंच औ दो राड डाले गए। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य है। जल्द ही मरीज की छुट्टी कर दी जाएगी। डा. अमित के सहयोग में डा. राम आसरे समेत समेत कई स्वास्थ्यकर्मी लगे थे।

Edited By Jagran

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