56 दिनों से बंद लकड़ी का पुल आवागमन के लिए खोला

नए व पुराने शहर के अलावा दर्जनों कालोनियों व गांवों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाने वाला रेलवे का लकड़ी का पुल 56 दिनों के बाद लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया।

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 08:11 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 08:11 PM (IST)
56 दिनों से बंद लकड़ी का पुल आवागमन के लिए खोला

सहारनपुर, जेएनएन। नए व पुराने शहर के अलावा दर्जनों कालोनियों व गांवों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाने वाला रेलवे का लकड़ी का पुल 56 दिनों के बाद लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया।

रेलवे स्टेशन के जीपीओ रोड स्थित लकड़ी के पुल को डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर के तहत होने वाले कार्य के लिए नवंबर 2021 के अंतिम सप्ताह में 56 दिनों के लिए बंद किया गया था। रेलवे की कार्यदायी संस्था एलएंडटी कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रमन चौधरी ने उस समय दावा किया था कि निर्धारित समय में काम पूरा कराकर पुल को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा, ऐसा हुआ भी है।

इन क्षेत्रों के लोगों को मिली राहत

लकड़ी पुल से रोजाना हजारों की संख्या में लोग पैदल अपने कार्य के लिए रेलवे कालोनी की तरफ से घंटाघर आते जाते हैं। यही नहीं नए शहर से स्टेशन पहुंचने का यहीं सुलभ मार्ग भी है। पुल बंद होने से शारदानगर, खलासी लाइन, रेलवे कालोनी, ओजपुरा, नवीनगर, सिद्धार्थ नगर, पंत विहार, रामनगर पठानपुरा, गोविदनगर, गुरुद्वारा रोड, रेलवे रोड, किशनपुरा, जनकनगर, नवादा रोड के अनेक गांवों के लोग प्रभावित हो रहे थे। पुल खुलने से बड़ी आबादी को राहत मिली है।

घुमावदार बना पुल

लकड़ी के पुल के रेलवे कालोनी की तरफ के हिस्से में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले पुल सीधा सड़क पर उतरता था लेकिन अब पुल को बीच से थोड़ा ऊंचा करने से पुल न केवल ऊंचा-नीचा हो गया बल्कि घुमाकर उतारा भी रेलवे बाउंड्री में गया है। पहले पुल पर साइकिल आदि निकलने की व्यवस्था थी जो कि अब नहीं रही है।

इनका कहना है..

फ्रेट कारिडोर के निर्माण व लकड़ी के पुल को ऊंचा उठाने के लिए पुल को 56 दिनों के लिए बंद किया गया था। निर्धारित समय में कार्य पूरा होने पर पुल को आवागमन के लिए खोल दिया गया।

-एके त्यागी, सहायक स्टेशन अधीक्षक सहारनपुर।

Edited By Jagran

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