कोरोना से बचना है तो सबको वैक्सीन लगवाना है

रामपुर मनिहारान में कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता रैली निकालकर सभी से कोरोनारोधी वैक्सीन लगवाने की अपील की गई।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 08:19 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 08:19 PM (IST)
कोरोना से बचना है तो सबको वैक्सीन लगवाना है

सहारनपुर, जेएनएन। रामपुर मनिहारान में कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता रैली निकालकर सभी से कोरोनारोधी वैक्सीन लगवाने की अपील की गई।

रविवार को कस्बे के मोहल्ला महल में आजाद भारत सामाजिक संगठन के द्वारा वैक्सीनेशन के लिए जागरूकता रैली निकाली गयी। आजाद भारत सामाजिक संगठन के चेयरमैन नसीम आजाद ने कहा कि यदि कोरोना से बचना है तो वैक्सीन सबको लगवाना है। उन्होंने कहां है की हर परिवार का मुखिया अपनी जिम्मेदारी के साथ अपने परिवार के सदस्यों को वैक्सीन जरूर लगवाएं। नसीम आजाद ने सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए लोगों से भी समाज में जागरूकता लाने की अपील की है। यह काम और यह मिशन किसी एक आदमी का नहीं है,यह काम हम सबको मिलकर करना है। इस मौके पर नगर पंचायत से विक्रम कुमार, आशा संगीता जंधेड़ा, विज्ञप्ति कुमारी, मोनिका, अरुणा चौधरी मौजूद रही।

पीएनबी की शाखा को विलय करने से रोकने की मांग

नानौता: नगर तथा देहात क्षेत्र के काफी लोगों ने पंजाब नैशनल बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजकर जहां पूर्व में ओबीसी से पंजाब नैशनल बैंक में विलय हुई शाखा को पीएनबी की पांडुखेड़ी शाखा में विलय करने से रोके जाने की मांग की है। वहीं

उक्त शाखा के खाताधारकों ने उनकी मांग पूरी ना होने पर अपने खाते किसी अन्य बैंक में स्थानांतरित कराने की चेतावनी भी दी है। अखिल भारतीय किसान महासभा के मोहन सिंह राणा के नेतृत्व में मतीन अहमद, राहुल राणा, प्रताप सिंह, जिन्दा हसन, वीरेन्द्र कुमार, अलका जैन, मुकेश कुमार बंसल, सुदेश कुमार बंसल आदि सहित काफी संख्या में नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र के खाता धारकों ने पीएनबी के क्षेत्रीय प्रबन्धक को भेजे पत्र में बताया कि उन्हें अंदेशा हो रहा है कि कुछ समय पूर्व ओबीसी से पीएनबी में विलय हुई शाखा संख्या 1465 को पीएनबी पाण्डुखेड़ी शाखा संख्या 3726 में विलय किया जा रहा है। वहीं पांडूखेड़ी शाखा में खातों के अत्यधिक दबाव हो जाने के कारण कोविड गाइडलाइन का पालन करना मुश्किल हो जाएगा। खाताधारकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उक्त शाखा को पीएनबी पांडूखेड़ी शाखा में विलय किए जाने से रोका नही जाएगा तो उन्हें मजबूरन अपने खाते किसी अन्य बैंक में खुलवाने पड़ेंगे, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं बैंक प्रबंधन की होगी।

Edited By Jagran

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