बारिश के साथ ठंड ने बढ़ाई परेशानी

शनिवार को एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया। कोहरा न होने के कारण वाहनों का आवागमन निर्बाध रूप से चला। सुबह थोड़ी देर आसमान साफ रहने के बाद एकाएक बूंदाबांदी शुरू हो गई। दिन भर चली बूंदाबांदी के कारण बढ़ी ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 07:47 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 07:47 PM (IST)
बारिश के साथ ठंड ने बढ़ाई परेशानी

सहारनपुर, जेएनएन। शनिवार को एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया। कोहरा न होने के कारण वाहनों का आवागमन निर्बाध रूप से चला। सुबह थोड़ी देर आसमान साफ रहने के बाद एकाएक बूंदाबांदी शुरू हो गई। दिन भर चली बूंदाबांदी के कारण बढ़ी ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बारिश दो मिमी रही। शाम होते ही ठंड का कहर पूरे चरम पर रहा। आगामी 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी है।

दिन भर रुक-रुक कर हुई बारिश से ठंड और बढ़ गई। जरूरी कामकाज के लिए निकले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण बाजारों में दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। राजकीय मौसम वेधशाला मुजफ्फराबाद के अनुसार न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बारिश दो मिमी रिकार्ड की गई। मौसम का यही रुख अगले 24 घंटे के दौरान बने रहने का अनुमान है।

फसलों को नुकसान

गंगोह: शनिवार को मौसम ने फिर पलटा खाया और तड़के ही बूंदाबांदी आरंभ हो गई। दुकानदार दुकानों पर आए लेकिन ग्राहक नजर नहीं आए। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से फसलें बरबादी की तरफ बढ़ गई हैं।

तीतरों: बारिश और सर्दी के कारण बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। इसके अलावा खेतों में जाने वाले किसान और मजदूर भी पूरा दिन घरों में ही रहे।

महंगी: पिछले सप्ताह हुई बारिश से सरसों, आलू व गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। शनिवार को फिर दिनभर बारिश होने से खेतों में पानी भर गया, जिससे खासतौर पर सब्जियों व आलू में किसानों ने नुकसान की आशंका जताई है।

नकुड़: किसान प्रदीप सिंह, सेठपाल, नरेंद्र, अनिल व सुभाष आदि ने कहा इस समय क्षेत्र के किसान पत्ता गोभी की फसल लगाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बारिश के कारण पत्ता गोभी की पौध प्रौढ़ होने के साथ ही खराब भी हो सकती है।

बडगांव: सुबह से हो रही बेमौसम बरसात से किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई तो गन्ने की छिलाई बंद हो गई।

Edited By Jagran

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