सौ करोड़ से अधिक की रकम खरीदारों को वापस होगी

जागरण संवाददाता नोएडा सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट ट्विन टावर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 08:11 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 08:11 PM (IST)
सौ करोड़ से अधिक की रकम खरीदारों को वापस होगी

जागरण संवाददाता, नोएडा :

सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट ट्विन टावर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को फटकार लगाई है। अदालत ने सुपरटेक को 28 फरवरी तक 252 घर खरीदारों को करीब 100 करोड़ पर 12 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का निर्देश दिया है। ब्याज के साथ यह रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक बैठ रही है। एपेक्स सियान टावर ध्वस्तीकरण के लिए सुपरटेक यूएस की कंपनी एडफिस के साथ अनुबंध कर दस्तावेज कोर्ट में जमा करना है, जिसकी मियाद संभवत: सोमवार को खत्म होने जा रही है।

बता दें कि सुपरटेक के दोनों टावरों में 950 से ज्यादा फ्लैट्स बनाए जाने थे। 32 फ्लोर का कंस्ट्रक्शन पूरा हो चुका था, जब एमराल्ड कोर्ट हाउसिग सोसायटी के बाशिंदों की याचिका पर टावर ढहाने का आदेश 2014 में आया। 633 लोगों ने फ्लैट बुक कराए थे, जिनमें से 248 रिफंड ले चुके हैं, 133 दूसरे प्रोजेक्ट्स में शिफ्ट हो गए, लेकिन 252 ने अब भी निवेश कर रखा है, लेकिन कोर्ट आदेश के तय समय बीतने के बावजूद फ्लैट 252 खरीदारों को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ रुपये नहीं लौटाए जा सके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सुपरटेक ग्रुप को 30 नवंबर तक 252 खरीदारों को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ रकम लौटानी थी। यह रकम करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक बैठ रही थी। इसके चलते ग्रुप के अधिकारी पिछले दो माह से प्रयास में जुटे थे कि इन खरीदारों को वह ग्रुप के दूसरे प्रोजेक्ट में यूनिट देकर समझौता कर सकें, लेकिन अधिकांश खरीदार अपनी रकम वापस मांग रहे थे। यह रकम 28 फरवरी तक घर खरीदारों को वापस करनी है। सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 को सुपरटेक के दोनों टावरों सियान और एपेक्स को ध्वस्त करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया था। टावर तय समय में ध्वस्त नहीं किए जा सके। इसके लिए सुपरटेक ने यूएसए की कंपनी एडफिस को चुना था। कार्ययोजना प्राधिकरण में प्रस्तुत की गई थी, जिस पर केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआइ) ने सुझाव दिए थे। यह सुझाव कार्ययोजना में दोबारा से शामिल करने के लिए प्राधिकरण ने कहा है। 17 जनवरी को फटकार लगाने के बाद एग्रीमेंट के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था।

Edited By Jagran

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