एमडीएस विद्या मंदिर के तीन छात्रों को मिला इंस्पायर अवार्ड

एमडीएस विद्या मंदिर इंटर कालेज के तीन विद्यार्थियों के माडल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान की ओर से इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित किया गयी है। नवाचारी माडल तैयार करने के लिए विद्यार्थियों की आर्थिक मदद को लेकर उनके बैंक खाते में 10-10 हजार रुपये स्थानांतरित किए गए हैं।

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 12:08 AM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 12:08 AM (IST)
एमडीएस विद्या मंदिर के तीन छात्रों को मिला इंस्पायर अवार्ड

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। एमडीएस विद्या मंदिर इंटर कालेज के तीन विद्यार्थियों के माडल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान की ओर से इंस्पायर अवार्ड के लिए चयनित किया गयी है। नवाचारी माडल तैयार करने के लिए विद्यार्थियों की आर्थिक मदद को लेकर उनके बैंक खाते में 10-10 हजार रुपये स्थानांतरित किए गए हैं।

एमडीएस विद्या मंदिर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अनिल कुमार उपाध्याय ने बताया कि अक्टूबर में कक्षा 6 के छात्र शगुन कुमार ने स्मार्ट स्पीड ब्रेकर का माडल बनाया, जिससे स्पीड ब्रेकर की वजह से होने वाली दुर्घटना से बचा जा सकेगा। कक्षा आठ की आरजू राठी ने अपशिष्ट जल प्रबंधन पर आधारित प्रोजेक्ट बनाया, जिससे प्रदूषित जल से धूल-मिट्टी, प्लास्टिक जैसे पदार्थो को छनित विधि से अलग करके पौधों के लिए उपयोगी बनाया जा सकेगा। कक्षा नौ के छात्र जशनदीप ने कूड़ा प्रबंधन के लिए स्मार्ट डस्टबिन पर आधारित माडल बनाया, जिसमें बिना डस्टबिन छुए ही डस्टबिन खुल व बंद हो जायेगा और संक्रमण का खतरा भी नहीं होगा। इन तीनों विद्यार्थियों को इंस्पायर अवार्ड में चयनित किया गया है। विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट को जिला प्रदर्शनी में प्रस्तुति करेगें। प्रोजेक्ट बनाने में विक्रांत कुमार, अनुज कुमार एवं वैशाली राठी ने मार्गदर्शन किया। इस उपलब्धि पर कालेज के प्रबंधक संदीप कुमार एवं प्रधानाचार्य अनिल कुमार उपाध्याय ने सरकार की ओर से भेजे गए प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर अनिल शास्त्री, रेनू चौधरी, राजीव सिरोहा, संजीव मलिक, राजीव, रमेश चंद, विपिन, पूजा राठी, अंजू दीक्षित, ज्योति पाल, नीलम देवी व आदित्य बालियान आदि शिक्षक मौजूद रहे।

21 केंद्रों पर होगी यूपीटीइटी परीक्षा

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। यूपीटीइटी परीक्षा के लिए मंगलवार को डीएम ने अधिकारियों और प्रधानाचार्यो की बैठक ली। इसमें कई प्रकार की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डीएम चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में 23 जनवरी को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तथा दोपहर 2:30 बजे से शाम पांच बजे तक दो चरणों में 21 परीक्षा केंद्रों पर उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) होगी। परीक्षा के लिए मंगलवार को हुई बैठक में डीएम ने विभागीय अधिकारियों और प्रधानाचार्यो को निर्देश दिए कि किसी भी अभ्यर्थी को किसी भी प्रकार की पाठ्य-सामग्री, कैलकुलेटर, डाकुपेन, स्लाइड रूलर, लाग टेबल तथा कैलकुलेटर की सुविधा वाली इलेक्ट्रानिक किसी भी प्रकार की घड़ी, मुद्रित अथवा लिखित सामग्री, कागज के टुकडे, मोबाइल फोन, पेजर अथवा किसी भी प्रकार का उपकरण परीक्षा कक्ष में लेकर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर कोविड हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। पर्याप्त मात्रा मे थर्मल स्कैनर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाने के निर्देश दिए। पर्याप्त मात्रा में आक्सीमीटर की व्यवस्था, परीक्षा कक्ष मे हैंड सैनिटाइजर रखे जाएं।

डीआइओएस गजेंद्र सिंह ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों को छह सेक्टरों में बांटकर सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गयी है। बैठक में एडीएम वित्त एंव राजस्व, बीएसए, डाइट प्राचार्य सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।

Edited By Jagran

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