जानसठ में किसके आदेश पर खुले अवैध नर्सिग होम

जानसठ कस्बे में करीब एक दर्जन से अधिक नर्सिग होम संचालित हैं जिनमें से एक को छोड़कर सभी अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं। जन सूचना अधिकार के तहत जिला अस्पताल से मांगी गई जानकारी से इस बात का राजफाश हुआ। अब सवाल यह उठता है कि अवैध रूप से संचालित दो नर्सिग होम को सील करने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन के उनकी सील किसके आदेश पर खोली गई।

JagranPublish: Tue, 25 Jan 2022 11:28 PM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 11:28 PM (IST)
जानसठ में किसके आदेश पर खुले अवैध नर्सिग होम

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। जानसठ कस्बे में करीब एक दर्जन से अधिक नर्सिग होम संचालित हैं, जिनमें से एक को छोड़कर सभी अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं। जन सूचना अधिकार के तहत जिला अस्पताल से मांगी गई जानकारी से इस बात का राजफाश हुआ। अब सवाल यह उठता है कि अवैध रूप से संचालित दो नर्सिग होम को सील करने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन के उनकी सील किसके आदेश पर खोली गई।

कस्बे में वर्तमान में करीब डेढ़ दर्जन नर्सिग होम संचालित हैं, जिनमें डिलीवरी से लेकर अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। इतना ही नहीं कई नर्सिग होम में तो सिजेरियन डिलीवरी तक की जा रही है। इसके लिए कौन डाक्टर बुलाया जा रहा है या फिर वह भी झोलाछाप ही कर रहे हैं, यह कोई नहीं जानता। इन नर्सिग होम के खिलाफ दैनिक जागरण ने मुहिम छेड़ी तो स्वास्थ्य विभाग कुंभकरणी नींद से जागा और एसडीएम की छापेमारी के बाद दो नर्सिग होम को अवैध रूप से संचालित करने के कारण उन्हें सील कर दिया गया, लेकिन एक सप्ताह बाद ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दोनों की सील खोल कर चले गए। बताया गया कि इनका रजिस्ट्रेशन हो गया है, लेकिन कस्बे के एक आरटीआइ कार्यकर्ता की ओर से जिला अस्पताल से मांगी गई सूचना में बताया गया कि कस्बे में केवल भारत नर्सिग होम ही रजिस्टर्ड है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 126 है। अब सवाल यह उठता है कि यदि एक ही नर्सिग होम 14 जनवरी तक रजिस्टर्ड है तो सील लगाए गए नर्सिग होम की सील किसके आदेश पर खोली गई, जबकि उनका रजिस्ट्रेशन तक नहीं हुआ। सूत्रों की माने तो स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने मोटी रकम लेकर इनकी सील खोल दी। बाकी सभी नर्सिग होम से एक निश्चित रकम हर माह स्वास्थ्य विभाग को जा रही है, जिसके चलते इन अवैध नर्सिग होम का संचालन करके लोगों की जिदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसे ही एक एएनएम के नर्सिग होम में एक महिला की मौत हो गई थी, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की बात की गई थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की कृपा से नर्सिग होम संचालित किया जा रहा है। नर्सरी भी है संचालित

इन अवैध नर्सिग होम में नवजात बच्चों के लिए नर्सरी भी अवैध रूप से संचालित की जा रही है। मतलब दुधमुंहे बच्चों की जिंदगी से झोलाछाप खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक नर्सरी का वीडियो भी कुछ दिन पहले वायरल हुआ था, जिसमें दो नवजात बच्चों का इलाज चल रहा है। बाद में महिला की मौत के बाद कस्बा चौकी में बैठकर मामले का निपटारा कर दिया गया और तहरीर आने के बाद भी कार्रवाई तक नहीं की गई।

Edited By Jagran

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