मजदूर की मौत पर मुआवजे के लिए परिवार वालों ने ऐसा काम किया की पुलिस प्रशासन सकते में आया, जानें क्या किया

Overbridge construction in Moradabad ओवरब्रिज निर्माण में लगे एक मजदूर की काम के दौरान हादसे में मौत हो गई थी। मजदूर के परिवार वालों ने मुआवजे की मांग को लेेेकर रेलवे ट्रक पर खड़े होकर प्रदर्शन किया। ट्रैक से गुजर रही एक ट्रेन को रोकने का भी प्रयास किया।

Samanvay PandeyPublish: Tue, 30 Nov 2021 10:59 AM (IST)Updated: Tue, 30 Nov 2021 10:59 AM (IST)
मजदूर की मौत पर मुआवजे के लिए परिवार वालों ने ऐसा काम किया की पुलिस प्रशासन सकते में आया, जानें क्या किया

मुरादाबाद, जेएनएन। Overbridge construction in Moradabad : ओवरब्रिज निर्माण में लगे एक मजदूर की काम के दौरान हादसे में मौत हो गई थी। मजदूर के परिवार वालों ने मुआवजे की मांग को लेेेकर रेलवे ट्रक पर खड़े होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ट्रैक से गुजर रही एक ट्रेन को रोकने का भी प्रयास किया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर ट्रैक से हटाया। इसके बाद मजदूर के स्वजन और ठेकेदार के बीच समझौता होने पर मामला शांत हो गया। मझोला थाने के अपराध निरीक्षक जगमाल सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष में आपसी समझौता हो गया है। इस दौरान कोई ट्रेन बाधित नहीं हुई।

रविवार को मझोला क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर बन रहे ओवरब्रिज के निर्माण में लगे पेटी ठेकेदार के सिर पर अचानक लकड़ी का गट्टा गिर गया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी ठेकेदार उसे लेकर कासमास अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक छजलैट थाना क्षेत्र के गांव तेलीपुरा खालसा निवासी प्रेमपाल था। सोमवार सुबह करीब 12 बजे प्रेमपाल के स्वजन सिरकोई भूड़ रेलवे ट्रैक में एकत्र हो गए। इसके बाद वह ठेकेदार से मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।

ट्रैक पर एकत्र हुए लोगों ने  सामने से आ रही एक एक्सप्रेस ट्रेन को रोकने का प्रयास किया। मामले की सूचना मिलने पर मझोला थाने के अपराध निरीक्षक जगमाल सिंंह मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने बातचीत के बाद सभी को ट्रैक से हटा दिया। इसके बाद ठेकेदार मासूम अली के साथ ही प्रेमपाल के स्वजन ने बातचीत की। प्रेमपाल के साढ़ू हरकेश ने बताया कि परिवार में पत्नी कश्मीरी के अलावा तीन बेटे छह वर्षीय प्रियांशु तथा चार वर्षीय जुड़वां बेटे शिवा और शिवम हैं। परिवार में वह इकलौता कमाने वाला था।

पुलिस की मौजूदगी में ठेकेदार ने मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोग शव को लेने के लिए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। मझोला थाने के अपराध निरीक्षक जगमाल सिंह ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कोई ट्रेन बाधिक नहीं हुई। दोनों पक्षों का आपसी समझौता हो गया था। वहीं इस मामले में उन्हें कोई तहरीर भी नहीं मिली है। प्रेमपाल के स्वजन अगर तहरीर देंगे तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Edited By Samanvay Pandey

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