आजम खां नौ बार रह चुके हैं विधायक पर संपत्ति है सिर्फ डेढ़ करोड़ की, बेटे अब्दुल्ला को कराया है एमटेक

UP Election 2022 शहर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी सांसद आजम खां पर 87 मुकदमे दर्ज हैं जबकि स्वार सीट से प्रत्याशी उनके बेटे अब्दुल्ला पर 43 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों ने गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल करते समय दिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख किया है।

Samanvay PandeyPublish: Fri, 28 Jan 2022 02:56 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 02:56 PM (IST)
आजम खां नौ बार रह चुके हैं विधायक पर संपत्ति है सिर्फ डेढ़ करोड़ की, बेटे अब्दुल्ला को कराया है एमटेक

रामपुर, जेएनएन। UP Vidhan Sabha Election 2022 : शहर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी सांसद आजम खां पर 87 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि स्वार सीट से प्रत्याशी उनके बेटे अब्दुल्ला पर 43 मुकदमे दर्ज हैं। सभी मुकदमे अभी विचाराधीन हैं। दोनों ने गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल करते समय दिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख किया है। सांसद आजम खां 73 वर्ष के हैं और उनके पास करीब डेढ़ करोड़ की संपत्ति है, जबकि अब्दुल्ला पर 16.64 लाख रुपये की संपत्ति है। आजम खां ने अपनी शैक्षिक योग्यता एलएलबी दर्शायी है, जो उन्होंने वर्ष 1974 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पास की थी। उनके बेटे ने अपनी शैक्षिक योग्यता में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से वर्ष 2015 में मास्टर आफ टेक्नोलाजी करना दर्शाया है। अब्दुल्ला ने अपनी उम्र 31 वर्ष बताई है।

करीब दो साल से सीतापुर की जेल में बंद सांसद आजम खां का गुरुवार को उनके प्रस्तावक ने नामांकन पत्र दाखिल करा दिया। वह रामपुर शहर से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हैं। आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम ने भी स्वार-टांडा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया है। अब्दुल्ला के साथ ही उनकी मां शहर विधायक डा. तजीन फात्मा ने भी स्वार-टांडा से पर्चा भरा है।सांसद आजम खां ने तीन दिन पहले अदालत में प्रार्थना पत्र देकर नामांकन पत्र दाखिल करने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने उन्हें नामांकन दाखिल कराने की अनुमति दे दी थी। सपा के नगराध्यक्ष आसिम राजा 25 जनवरी को अदालत के आदेश के साथ ही आजम खां का नामांकन पत्र लेकर सीतापुर जेल पहुंचे।

आजम खां ने जेल में ही नामांकन पत्र भरा और उसपर हस्ताक्षर किए। इसके बाद इसे लेकर आसिम राजा रामपुर लौट आए। गुरुवार को उन्होंने आजम खां का प्रस्तावक बनकर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। आजम खां के खिलाफ 87 मुकदमे विचाराधीन हैं। दो मामलों में उनकी अभी तक जमानत नहीं हो सकी है। इस कारण वह जेल से नहीं छूट पा रहे हैं, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम 23 माह बाद जमानत पर छूटे हैं। उनके खिलाफ भी 43 मुकदमे विचाराधीन हैं। वह स्वार-टांडा सीट से सपा के प्रत्याशी हैं।

Edited By Samanvay Pandey

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