जिरह के लिए कोर्ट नहीं पहुंचे रामपुर सांसद आजम खां के वकील, अदालत में वकील का प्रार्थना पत्र खारिज

Rampur MP Azam Khan News रामपुर सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट मामले मेें सुनवाई के लिए गुरुवार को उनके अधिवक्ता कोर्ट नहीं पहुंचे। उनकी ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

Samanvay PandeyPublish: Thu, 28 Oct 2021 06:10 PM (IST)Updated: Thu, 28 Oct 2021 06:10 PM (IST)
जिरह के लिए कोर्ट नहीं पहुंचे रामपुर सांसद आजम खां के वकील, अदालत में वकील का प्रार्थना पत्र खारिज

मुरादाबाद, जेएनएन। Rampur MP Azam Khan News : रामपुर सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट मामले मेें सुनवाई के लिए गुरुवार को उनके अधिवक्ता कोर्ट नहीं पहुंचे। उनकी ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए दूसरे गवाह से जिरह का अवसर समाप्त करने के आदेश कर दिए। अब मुकदमे में तीसरे गवाह को तलब किया गया है।

सांसद पर आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे को चुनाव लड़ाने के लिए उसके जन्म प्रमाण पत्र में उम्र बढ़ाई थी। बाद में पैन कार्ड और पासपोर्ट में भी जन्मतिथि बदलवा दी। इस तरह बेटे के अलग-अलग जन्मतिथि के दो जन्म प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट और दो पैनकार्ड बनवा लिए। इनमें जन्म प्रमाण पत्र मामले में सांसद के अलावा उनकी पत्नी और बेटा आरोपित है, जबकि पैन कार्ड मामले में सांसद और उनका बेटा आरोपित है। इसके अलावा पासपोर्ट के मुकदमे में अकेले अब्दुल्ला आराेपित हैं। इन तीनों मुकदमों की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है।

इन मुकदमों में भाजपा नेता आकाश सक्सेना की पहली गवाही हुई थी। उनके द्वारा ही तीनों मुकदमे दर्ज कराए गए थे। दूसरी गवाही सेंटपाल स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज पाठक की हो चुकी है। हालांकि अभी उनसे सांसद के अधिवक्ता द्वारा जिरह नहीं की गई थी। जिरह के लिए कई तारीखें पड़ चुकी थीं। पहले सांसद के अधिवक्ता ने तीनों मुकदमे निचली अदालत में चलाए जाने की याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

इसके बाद बुधवार को सुनवाई के दौरान सांसद के अधिवक्ता ने स्थगन प्रार्थना पत्र देकर समय की मांग की थी। तब कोर्ट ने समय देने से स्पष्ट मना करते हुए गुरुवार को जिरह का अंतिम अवसर दिया था। गुरुवार को गवाह जिरह के लिए कोर्ट पहुंचे, लेकिन सांसद के अधिवक्ता जिरह के लिए नहीं आए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रताप सिंह मौर्य ने बताया कि सांसद के अधिवक्ता कोर्ट नहीं पहुंचे।

उन्होंने एक प्रार्थना पत्र भिजवाया, जिसे एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश आलोक दुबे ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट मामले में दूसरे गवाह से जिरह का अंतिम अवसर समाप्त कर दिया है। अब जन्म प्रमाण पत्र मामले में तीसरे गवाह उप रजिस्टार तेजपाल वर्मा को पहली नवंबर को तलब किया है, जबकि पासपोर्ट मामले में तीसरे गवाह कांस्टबिल अखिलेश कुमार को तीन नवंबर को तलब किया है।

Edited By Samanvay Pandey

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