जानें रिश्ते के भाई ने नैनीताल से शूटर बुलाकर क्यों की थी समीर की हत्या, पुलिस ने कैसे किया पर्दाफाश

Murder in Rampur आनलाइन कंपनी चलाने वाले समीर राजपूत की हत्या का एक सप्ताह बाद सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश कर दिया है। हत्या उसके ही रिश्ते के भाई ने कारोबारी रंजिश में कराई थी। इसके लिए एक स्थानीय बदमाश को सुपारी दी थी।

Samanvay PandeyPublish: Sat, 15 Jan 2022 04:23 PM (IST)Updated: Sat, 15 Jan 2022 04:23 PM (IST)
जानें रिश्ते के भाई ने नैनीताल से शूटर बुलाकर क्यों की थी समीर की हत्या, पुलिस ने कैसे किया पर्दाफाश

रामपुर, जेएनएन। Murder in Rampur : आनलाइन कंपनी चलाने वाले समीर राजपूत की हत्या का एक सप्ताह बाद सिविल लाइंस पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश कर दिया है। हत्या उसके ही रिश्ते के भाई ने कारोबारी रंजिश में कराई थी। इसके लिए एक स्थानीय बदमाश को सुपारी दी थी। बदमाश ने नैनीताल से शूटर बुलाया था। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद समीर के भाई और दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गोली पैर मेंं लगने से दोनों बदमाश घायल हो गए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।

हत्या की वारदात आठ जनवरी की रात को अंजाम दी गई थी। सैफनी के ग्राम रायपुर का मझरा निवासी समीर राजपूत रामपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में शौकत रोड पर यूनिक बाजार कंपनी चलाते थे। उनके पिता मित्रपाल का एक मकान मुरादाबाद के थाना कटघर अंगर्तत मुहल्ला आंबेडकर नगर में भी है। घटना की रात समीर अपने दोस्त विशाल के साथ बाइक से शिव विहार कालोनी ज्वालानगर की ओर जा रहे थे। रास्ते में किटप्लाई रोड पर बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने मुआयना किया था।

एसओजी और सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को हत्या की घटना का शीघ्र पर्दाफाश करने के निर्देश दिए थे। पुलिस बदमाशों की तलाश में लगी थी। शुक्रवार रात पुलिस को सूचना मिली कि समीर की हत्या करने वाले दो बदमाश बाइक से शिव विहार कालोनी की ओर जा रहे हैं। उनका मकसद समीर के परिवार में किसी और की भी हत्या करने का है। इस पर सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी लव सिरोही ने एसओजी प्रभारी अजयपाल सिंह को बुला लिया।

काेतवाली और एसओजी की संयुक्त टीम ने रास्ते में ही बदमाशों की घेराबंदी कर दी। जैसे ही बदमाश किटप्लाई रोड पर आए तो टीम ने उन्हें घेर लिया। इस पर वे बाइक छोड़कर भागने लगे। पुलिस द्वारा पीछा करने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने जान बचाते हुए जवाब में गोली चलाई। पुलिस की गोली पैर में लगने से दो बदमाश घायल होकर जमीन पर गिर गए और तीसरा भागने लगा। पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया।

रिश्ते के भाई लाखन ने पांच लाख में किया था हत्या का सौदाः पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि समीर की हत्या का सौदा पांच लाख में उसके रिश्ते के भाई लाखन सिंह पुत्र भूपाल निवासी मुरसैना थाना अजीमनगर ने किया था। लाखन चार साल पहले शाहबाद गेट पर डायनेमिक कन्सलटेंसी कंपनी चलाता था। समीर वहां बतौर असिस्टेंट काम करता था। बाद में समीर ने वहां काम छोड़ दिया और खुद की कंपनी खोल ली।

उसके यहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी अपने यहां बुला लिया। इससे लाखन को कारोबार में घाटा होने लगा। वह यहां से काम बंद करके उत्तराखंड के जिला ऊधमसिंहनगर में किच्छा चला गया। वहां कंपनी खोल ली। समीर का काम उससे अच्छा चल रहा था। यही बात उसे अखर रही थी। उसने समीर की हत्या की योजना बना ली। मिलक खानम थाना क्षेत्र के ग्राम पदमपुर में रहने वाला फिरोज गांधी पुत्र नंदराम लाखन का दोस्त था।

लाखन ने फिरोज से समीर की हत्या का सौदा किया। फिरोज ने उत्तराखंड के जिला नैनीताल के मल्लीताल अंतर्गत सड़ियाताल निवासी देवेश जीना पुत्र वीरेंद्र सिंह को बुला लिया। लाखन ने अपने भाई की हत्या के लिए दोनों को 50-50 हजार रुपये एडवांस दिए थे। बाकी चार लाख की रकम काम होने पर देना तय था। दोनों बदमाशों ने यहां रहकर कई दिन समीर की रैकी की। बाद में मौका मिलने पर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या की सजिश रचने वाले भाई और हत्या को अंजाम देने वाले दोनों बदमाशों को पकड़ लिया है।

Edited By Samanvay Pandey

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