Dengue in Moradabad : ज‍िले के अगवानपुर में डेंगू से बच्ची की मौत, पांच और लोगों में हुई पुष्टि

Dengue in Moradabad जिले में डेंगू को लेकर लोग दहशत में हैं। शहरी आबादी के साथ ही पास की नगर पंचायतों में भी डेंगू पीड़ितों की कमी नहीं है। अगवानपुर में 14 वर्षीय बच्ची की मौत से खलबली मची हुई है।

Narendra KumarPublish: Mon, 08 Nov 2021 09:56 AM (IST)Updated: Mon, 08 Nov 2021 09:56 AM (IST)
Dengue in Moradabad : ज‍िले के अगवानपुर में डेंगू से बच्ची की मौत, पांच और लोगों में हुई पुष्टि

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Dengue in Moradabad : जिले में डेंगू को लेकर लोग दहशत में हैं। शहरी आबादी के साथ ही पास की नगर पंचायतों में भी डेंगू पीड़ितों की कमी नहीं है। अगवानपुर में 14 वर्षीय बच्ची की मौत से खलबली मची हुई है। वहीं शहरी क्षेत्र में पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। पांचों में डेंगू की पुष्टि निजी पैथलैब की जांच में हुई है। हालात अभी भी काबू में नहीं हैं।

मलेरिया विभाग डेंगू के कारक समाप्त करने का दावा कर रहा है लेकिन, हकीकत कुछ और ही है। अगवानपुर के मुहल्ला ततारपुर के रहने वाले जीशान की 14 वर्षीय बेटी मुनीसा को पिछले चार दिन से बुखार आ रहा था। परिवार के लोगों ने उसका उपचार शुरू करा दिया। हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में डेंगू की पुष्टि होने के साथ ही उसकी प्लेटलेट्स लगातार गिरती रहीं। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। इससे क्षेत्र में खलबली मच गई है। क्षेत्र में बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है। लोगों के मन में डेंगू का डर बैठ गया है। सफाई का दावा किया जा रहा है लेकिन, स्थिति बहुत खराब है। कोई झांकने तक नहीं आता है। वहीं बिलारी के थांवला की 20 वर्षीय निशा, गलशहीद के 28 वर्षीय आकिब, पाकबड़ा के 50 वर्षीय विनोद कुमार, डींगरपुर के 50 वर्षीय साहिब, गोविंद नगर की 56 वर्षीय मीना कुमारी में डेंगू की पुष्टि हुई है।

शिविर लगाकर बांटी दवा : डेंगू से बच्ची की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुहल्ला कुरैशियान में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया। उप स्वास्थ्य केंद्र अगवानपुर प्रभारी डा. शहाबुद्दीन ने तकरीबन 60 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्हें दवा भी वितरित की। इसके साथ ही लोगों को साफ सफाई के बारे में भी बताया।

लापरवाही पड़ रही भारी : महानगर के कुछ क्षेत्रों में नियमित फागिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव हो रहा है। वहीं शहर के कई क्षेत्रों को छोड़ दिया जाता है। बुद्धि विहार कालोनी नगर निगम को वर्षों पहले हैंडओवर हो चुकी है। जबकि बुद्धि विहार फेज टू आवास विकास के पास है। न तो आवास विकास वहां फागिंग की व्यवस्था कर रहा है और न ही नगर निगम। आपस में जुड़ी दोनों कालोनियों में एक ओर मच्छर पनप रहे हैं तो दूसरी ओर सुरक्षा कैसे रह सकती है। यही हाल साफ सफाई का है। आवास विकास की ओर से नियमित साफ-सफाई व कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण कालोनी में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। ऐसे ही अन्य कालानियों का हाल है।

 

Edited By Narendra Kumar

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