अब्दुल्ला आजम जेल की दास्तां सुनाते-सुनाते रो पड़े, बोले- आजम खां और मुझ पर बहुत हुए जुल्म

Abdullah Azam Cried सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रो पड़े। जेल की कहानी सुनाते हुए बोले आजादी के बाद इतना जुल्म किसी पर नहीं हुआ जितना हमारे परिवार पर हुआ। मां का कंधा टूट गया और आजम बीमार हो गए।

Samanvay PandeyPublish: Thu, 20 Jan 2022 06:50 AM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 06:17 PM (IST)
अब्दुल्ला आजम जेल की दास्तां सुनाते-सुनाते रो पड़े, बोले- आजम खां और मुझ पर बहुत हुए जुल्म

रामपुर, जेएनएन। UP Chunav 2022 : सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम सपा कार्यकर्ताओं को जेल में हुई दुश्वारियों को सुनाते हुए रो पड़े। बोले, देश में आजादी के बाद इतना जुल्म किसी पर नहीं हुआ, जितना हमारे परिवार पर हुआ। जेल में हमारी मां का कंधा टूट गया और आजम खां गंभीर रूप से बीमार हो गए। सरकार ने इलाज में भी देरी की। इससे हालत और खराब हो गई। डाक्टरों ने भी कह दिया कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दुआ कीजिये।

ऊपर वाले ने बचा लिया, नहीं तो सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। आजम खां का संदेश है कि हम पर जो जुल्म हुआ है, जनता चुनाव में वोट के जरिये उसका हिसाब लें। लेकिन, पूरी शांति बनाए रखें, क्योंकि सरकार रामपुर के लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाना और नुकसान पहुंचाना चाहती है। चार दिन पहले जेल से छूटकर आए अब्दु्ल्ला ने बुधवार को वर्चुअल संवाद के जरिए जिले के सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

इस दौरान अपनी मां और पिता पर जेल में आई दुश्वारियाें की दास्तां सुनाईं। कहा कि हमारे परिवार पर ही नहीं, बल्कि रामपुर के तमाम लोगों पर जुल्म किया गया। रामपुर के लोगों पर और हमारे परिवार पर बहुत से फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए। पेड़ चोरी, बकरी चोरी, भैंस चोरी, किताब चोरी के मुकदमे लगाकर आजम खां को जेल में डाल दिया गया है। आजम खां ने बहुत अच्छे दिन भी देखे हैं और बहुत बुरे दिन भी। उनपर जुल्म की इन्तेहा हो गई है। लोग जेल में मुलाकात के लिए आते थे तो कहते थे आजम भाई जब से आप जेल में आए हैं, तब से हमारे सिर से सरपरस्ती उठ गई है।

रामपुर के लोगों को वाहन चेकिंग और बिजली चेकिंग के नाम पर लूटा गया है। इस चुनाव में जनता जुल्मों का बदला लेगी। हमारा चुनाव बसपा या कांग्रेस से नहीं, बल्कि सरकार से है। गाड़ी से किसानों को कुचलने और नौजवानों पर लाठी चार्ज करने पर इंकलाब तो जरूर आएगा। इस बार हमारी बहुत बड़ी जीत होगी। आज हम यह संकल्प लें कि 40 साल हमें आजम ने जो ट्रेनिंग दी है, उसी के जरिये जुल्मों का बदला लेंगे। आचार संहिता और कोविड गाइडलाइन का पालन करेंगे।

अब हालात बदले हुए हैंः अब्दु्ला ने कहा कि 2019 के चुनाव में हालात अलग थे, तब प्रशासन दुश्मनी पर आमादा था। किसी भी हालत में जीतने नहीं देना चाहता था, लेकिन अब हालात कुछ और हैं। मौजूदा अधिकारियों के काम से ऐसा अंदेशा नहीं है कि चुनाव में कोई गड़बड़ी होगी। लेकिन, एक अधिकारी पड़ोसी जिले में बैठकर रामपुर के चुनाव को प्रभावित करना चाहते हैं। चुनाव आयोग इस बात का संज्ञान ले।

हमें इस बात को कहने के लिए मजबूर न किया जाए कि कौन अधिकारी निषपक्ष है और कौन भाजपा का एजेंट है। उन्होंने कहा कि सभी चुनाव कार्यक्रमों में आजम खां के नाम की कुर्सी भी रहेगी, उसपर उनके नाम की पर्ची भी लगेगी, लेकिन कुर्सी खाली रहेगी, ताकि लोगों को पता लगा लगे आजम खां जेल में हैं।

Edited By Samanvay Pandey

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