Dengue in Moradabad : शहर में 23 लोग म‍िले डेंगू से पीडि़त, दवा छ‍िड़काव के ल‍िए नहीं पहुंची टीम

Dengue in Moradabad एंटी लार्वा का छिड़काव करने के बजाय बातें बनाई जा रहीं हैं। हालात ये हैं कि डेंगू से पीड़ित निजी अस्पतालों समेत झोलाछाप के क्लीनिकों में भी भर्ती हैं। डेंगू से मौत होने पर हंगामे भी हो रहे हैं।

Narendra KumarPublish: Sat, 13 Nov 2021 12:28 PM (IST)Updated: Sat, 13 Nov 2021 12:28 PM (IST)
Dengue in Moradabad : शहर में 23 लोग म‍िले डेंगू से पीडि़त, दवा छ‍िड़काव के ल‍िए नहीं पहुंची टीम

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Dengue in Moradabad : जिले में डेंगू का प्रकोप बरकरार है। शुक्रवार को मिली पैथलैब की रिपोर्ट में 23 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें सभी लोग शहरी क्षेत्र की घनी आबादी के रहने वाले हैं। हैरत की बात ये है कि मलेरिया विभाग की टीम इतना सबकुछ होने पर भी हवा-हवाई दावे भरने में लगी हुई है। घनी आबादी में मच्छरों का कारक तलाशने और एंटी लार्वा का छिड़काव करने के बजाय कागजी खानापूर्ति में लगी है।

शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 3820 की ओपीडी की। इसमें बुखार के 285 मरीज मिले। जिला अस्पताल की पैथलैब से मिली रिपोर्ट में सिविल लाइन के नरेश कुमार, गोविंद नगर के अनुज सिंह, करूला के हसनैन, जामा मस्जिद के सईद, कांशीराम नगर के भानु कुमार, दीवान का बाजार की बुशरा, चक्कर की मिलक के कमलेश, नवाबपुरा के मुशीर, दीवान का बाजार के शहजाद, मुगलपुरा के सलमान, गलशहीद की सईदा खातून, असालतपुरा के शहजाद, बुद्धि विहार की चारुल शर्मा, नागफनी की जैनब, पीटीसी की शिखा तिवारी, दौलतबाग की रुबिया, असालतपुरा के आदिल, गणेश मंदिर के पास के रहने वाले रवि, नवीन नगर की रुखसाना, रहमतनगर के मुहम्मद सलीम, डिलारी की मोनिका, खैरखाता के कल्लू सिंह, शिव नगर के सुधीर कुमार में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालात ये हैं कि स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ कागजी खानापूर्ति में जुटी हुई है। एंटी लार्वा का छिड़काव करने के बजाय बातें बनाई जा रहीं हैं। हालात ये हैं कि डेंगू से पीड़ित निजी अस्पतालों समेत झोलाछाप के क्लीनिकों में भी भर्ती हैं। डेंगू से मौत होने पर हंगामें भी हो रहे हैं। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

बुखार के मरीजों का परीक्षण लगातार कराया जा रहा है। जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हो रही है। सरकारी अमला अपना काम कर रहा है। लोगों को भी अपने तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। फुल आस्तीन के कपड़े पहनें और बुखार आने पर फौरन जांच कराएं।

डा. एमसी गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

Edited By Narendra Kumar

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