गुप्त नवरात्र पर विंध्यधाम शोभायमान, बिखरी अलौकिक छटा

गुप्त नवरात्र पर विंध्यधाम गुलजार बिखरी अलौकिक छटा

JagranPublish: Fri, 01 Jul 2022 06:41 PM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 06:41 PM (IST)
गुप्त नवरात्र पर विंध्यधाम शोभायमान, बिखरी अलौकिक छटा

गुप्त नवरात्र पर विंध्यधाम शोभायमान, बिखरी अलौकिक छटा

जागरण संवाददाता, विंध्याचल (मीरजापुर) : आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को मां विंध्यवासिनी की चौखट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हर कोई मां विंध्यवासिनी के दर्शन को बेताब दिखा। मां विंध्यवासिनी की जयकारे से विंध्यधाम गुंजायमान हो उठा। मां विंध्यवासिनी की चौखट पर भीड़ इतनी थी कि मंदिर पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। श्रद्धालुओं की भीड़ से दुकानदार काफी खुश दिखे। उपनयन व मुंडन के विशेष मुहूर्त होने के नाते अधिक भीड़ थी। शुक्रवार को करीब ढाई लाख भक्तों ने विंध्य दरबार में हाजिरी लगाई।

गुड़हल, कमल पुष्प व रत्न जड़ित हार से मां विध्यवासिनी का श्रृंगार किया गया था। मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर का कपाट खुला, ऐसा लगा मानो मां ने बुलाया हो। श्रद्धालु पहले ही नारियल-चुनरी, माला-फूल प्रसाद लेकर कतारबद्ध हो गए थे। जयकारे के साथ श्रद्धालु मंदिर की ओर बढ़ते रहे। किसी ने झांकी तो किसी ने गर्भगृह पहुंच मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। मां की झलक पाकर भक्त निहाल हो उठे। इसके बाद मंदिर परिसर पर विराजमान समस्त देवी-देवताओं को नमन किया। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ से मंदिर तो मंदिर, मंदिर की छत भी भक्तों से पटी नजर आई। गंगा घाटों पर भीड़ दिखा। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु विंध्यवासिनी मंदिर की ओर बढ़ते जा रहे थे। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने विंध्य पर्वत पर विराजमान मां अष्टभुजा व मां काली का दर्शन कर त्रिकोण परिक्रमा की। सुरक्षा की दृष्टि से समुचित प्रबंध किए गए थे। विंध्याचल के सभी होटल व वाहन स्टैंड फुल हो गए थे। दूर-दराज के श्रद्धालु पहले से ही डेरा जमा रखे थे। वहीं गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए राजकीय मोचन दल के जवान लगातार पेट्रोलिंग करते दिखे।

दर्शनार्थियों को हुई परेशानी, सफाई व्यवस्था भी ढीली : अमृत योजना के तहत चल रहे कार्य के चलते दूधनाथ तिराहा से स्टेट बैंक चौराहा तक स्थिति काफी दयनीय थी। क्षतिग्रस्त मार्ग पर दर्शनार्थियों को जाम के झाम का भी सामना करना पड़ा। इससे दर्शनार्थियों को काफी परेशानी हुई। सफाई व्यवस्था भी बेहद खराब थी।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept