मौसम ने मारी पलटी, बारिश से सर्द ने पकड़ा जोर

जागरण संवाददाता मीरजापुर शनिवार को बादल छाए रहने के साथ ही मौसम बदल गया। सर्द हवाओं

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 05:20 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 05:20 PM (IST)
मौसम ने मारी पलटी, बारिश से सर्द ने पकड़ा जोर

जागरण संवाददाता, मीरजापुर : शनिवार को बादल छाए रहने के साथ ही मौसम बदल गया। सर्द हवाओं व गलन के बीच हुई बारिश से ठंड और जोर पकड़ ली। बूंदाबादी के साथ ही सर्द हवाएं भी गलन बढ़ाती रहीं। धूप न खिलने से पूरे दिन लोगों को गलन और सर्दी से राहत नहीं मिल सकी। लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने के साथ अलाव का सहारा लेते नजर आए।

शनिवार की दोपहर हुई बारिश से मौसम अचानक बदल गया और सर्द हवाओं ने गलन और बढ़ा दी। मौसम बदलने के साथ केवल लोगों की ही परेशानी नहीं बढ़ी है बल्कि आलू की फसल पर भी खतरा बढ़ गया है। बारिश के चलते लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। इधर दो-तीन दिन से धूप खिलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत हुई थी। शनिवार को फिर ठंड व गलन बढ़ गई। शनिवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया तो आद्रता 87 फीसद तक पहुंच गया। जिले में 23 जनवरी को भी बरसात होने की संभावना है। इससे गलन और बढ़ सकती है।

डीएसटी महामना जलवायु परिवर्तन केंद्र के समन्वयक एवं ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. आरके मल्ल व तकनीकी अधिकारी युवा मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। बादलों के चलते जिले में तापमान निरंतर बढ़ रहा है। धूप निकलने से शाम को गलन व ठंड बढ़ सकती है। सुबह और शाम के समय कोहरा भी पड़ सकता है। इसके फलस्वरूप ठंड और गलन जारी रहने की संभावना है। किसान मौसम के परिवर्तन को ध्यान में रखकर ही कृषि क्रियाएं करें। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।

जमालपुर : शनिवार को हुई बूंदाबांदी के बाद ठंड में बढ़ोत्तरी हो गई। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। भीषण ठंड व शीतलहर के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आवश्यक कार्य होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। भयंकर ठंड से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। भीषण ठंड से बुजुर्गों सहित पशु-पक्षी भी बेहाल हैं।

प्रकृति के बदलते मिजाज के आगे किसान बेबस व लाचार

मझवां : प्रकृति के बदलते मिजाज के आगे किसान बेबस व लाचार दिखाई पड़ रहे हैं। क्षेत्रीय किसान राजनाथ पटेल, शमशेर पटेल, रामतिलक, इंद्र कुमार पाल, सोनू सिंह आदि ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों के खेतों में मटर, सरसों, आलू,के साथ-साथ क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ लगी गुलाब की खेती को बेमौसम बारिश से नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसकी क्षतिपूर्ति हो पाना असंभव है। गेहूं की फसल के लिए वरदान तो दलहन व तिलहन को नुकसान

हलिया : शनिवार सुबह नौ बजे से अचानक कुछ जगह बूंदाबादी तो कुछ जगह बरसात होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के गलरा, गड़बड़ा, मझिगवां, रतेह सहित दर्जन भर गांव में बरसात होने से पुआल कटाई, मकान की मिट्टी पटान, गन्ने की पेराई आदि कार्य बाधित हो गया। अन्य स्थानों पर हुई बूंदाबादी से धान के पुआल का भूसा भीग गया। पुआल की कटाई बाधित होने से पशुओं के भोजन की समस्या खड़ी हो गई। हालांकि गेहूं की फसल के लिए यह बरसात वरदान साबित हो रही है तो सरसो, मटर, मसूर, तीसी, आलू आदि दलहन व तिलहन फसल को नुकसान।

Edited By Jagran

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