भरत मिलाप की मनोरम झांकी देख जनसमूह भाव विह्वल

प्रभु श्रीराम लक्ष्मण भरत व शत्रुघ्न के साथ माता जानकी के मिलन से सभी की आंखें सजल हो गई। प्राचीन रामलीला समिति सीखड़ की ओर से आयोजित भरत मिलाप की मनोरम झांकी देख जनसमूह भाव विह्वल था।

JagranPublish: Sun, 17 Oct 2021 06:03 PM (IST)Updated: Sun, 17 Oct 2021 06:03 PM (IST)
भरत मिलाप की मनोरम झांकी देख जनसमूह भाव विह्वल

जागरण संवाददाता,सीखड़ (मीरजापुर) : सकल द्विजन्ह मिलि नायउ माथा। धर्म धुरंधर रघुकुलनाथा।। गहे भरत पुनि प्रभु पद पंकज। नमत जिन्हहि सुर मुनि संकर अज।। अर्थात धर्म की धुरी धारण करने वाले रघुकुल के स्वामी श्रीरामजी ने सब ब्राह्मणों से मिलकर उन्हें मस्तक नवाया। फिर भरतजी ने प्रभु के चरणकमल पकड़े जिन्हें देवता, मुनि, शंकरजी और ब्रह्माजी भी नमस्कार करते हैं। प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न के साथ माता जानकी के मिलन से सभी की आंखें सजल हो गई। प्राचीन रामलीला समिति सीखड़ की ओर से आयोजित भरत मिलाप की मनोरम झांकी देख जनसमूह भाव विह्वल था।

पुष्प वर्षा व अमृतमय मानस की चौपाइयां वातावरण को अमृत व आनंदरस से सराबोर कर रही थीं। जनसमूह की तंद्रा टूटते ही बरबस जय श्रीराम के उद्घोष से समूचा वातावरण गूंज उठा। रामनगर की तर्ज पर करीब 104 वर्ष पूर्व रामलीला की शुरुआत कराने वाले तत्कालीन जमींदार बाबू नवलकिशोर राय चंद्र बहादुर के सातवें वंशज कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे थे। मेले के साथ निकलने वाली झांकियों को देखने के लिए जन सागर उमड़ पड़ा।

भरत मिलाप के बाद करीब तीन दर्जन से अधिक झांकियां निकाली गईं। एक से बढ़कर एक झांकियों की प्रस्तुति के लिए कलाकारों ने भी अपनी कलात्मकता का प्रदर्शन किया। क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त कलाकारों को आकर्षक पुरस्कार समिति के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने किया।

कजली सम्राट बफ्फत द्वारा रचित आरती गाई गई। झांकियों के साथ चलने वाले भगवान के रथ को जगह-जगह रोककर आरती उतारी गई। यात्रा पूर्ण होने पर संतोषी माता मंदिर के पास शायरी कजली के जनक सीखड़ निवासी बफ्फत शायर द्वारा लिखी गई आरती के बोल से समिति के सदस्यों व जनसमूह द्वारा आरती के गायन के साथ मेला संपन्न हुआ। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रभारी निरीक्षक गोपालजी गुप्ता, उपनिरीक्षक भारत भूषण सिंह, एसआइ वीपी सिंह दल बल के साथ मौजूद थे। पीएसी बल की भी तैनाती थी।

-------------------- गले मिले चारों भाई, दर्शनार्थियों की आंखें भर आई

अहरौरा : चौक बाजार स्थित भगवती प्रसाद की दुकान के पास शनिवार की रात भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। चौदह वर्ष पूरे होने में कुछ ही क्षण का समय शेष रहने पर भरतजी भ्राता श्रीराम के वियोग में विलाप करते हैं। जिसे देख लीला प्रेमियों की आंखें नम हो जाती हैं। इसी दौरान हनुमानजी श्रीराम के अयोध्या लौटने का संदेश लेकर आते हैं और कुछ ही देर में राम सहित चारों भाई एक-दूसरे से भाव-विह्वल होकर गले मिले तो उनका प्रेम देख सभी हर्षित हो उठे। पूरा क्षेत्र राम के जयकारों से गूंज उठा।

श्रीबाल रामलीला रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित भरत मिलाप लीला को देखने के लिए हर कोई आतुर रहा। चौदह वर्षों के वनवास की अवधि पूरी करके श्रीराम अयोध्या लौटे तो उन्हें देखकर भरत भावुक हो उठे। भाव-विह्वल हो भाइयों ने बारी-बारी से एक-दूसरे के गले मिलकर स्नेह बांटा। इस दौरान घरों के बरामदे और छतों पर खड़ी महिलाओं ने पुष्प वर्षा किया।

Edited By Jagran

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