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आय दोगुनी करने के लिए जैविक खेती अपनाएं अन्नदाता : राज्यमंत्री

जागरण संवाददाता, चुनार (मीरजापुर) : अत्याधिक रासायनिक खाद के प्रयोग के दुष्परिणाम आज हमा

JagranFri, 22 Jun 2018 08:32 PM (IST)
आय दोगुनी करने के लिए जैविक खेती अपनाएं अन्नदाता : राज्यमंत्री

जागरण संवाददाता, चुनार (मीरजापुर) : अत्याधिक रासायनिक खाद के प्रयोग के दुष्परिणाम आज हमारे सामने गंभीर बीमारियों के रूप में दिख रहे हैं। इससे आने वाली पीढ़ी को बचाने, उनके स्वस्थ जीवन जीने के लिए परंपरागत जैविक कृषि को ही अपनाना होगा। आज आवश्यकता है कि हमारे अन्नदाता प्रकृति से जुड़कर गो आधारित प्राकृतिक कर शून्य लागत से ऐसी उपज का उत्पादन करें जो समाज के लोगों के स्वास्थ्य के लिए हितकर हो। जैविक कृषि करके अधिक स्वस्थ व समृद्ध जीवन व्यतीत किया जा सकता है। यह बातें उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, शिक्षा एवं अनुसंधान राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप उर्फ धुन्नी ¨सह ने कहीं। वे डगमगपुर स्थित सुरभि ग्राम में आयोजित परंपरागत कृषि विकास योजना अंतर्गत'जैविक खेती जागरूकता गोष्ठी'को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए उपस्थित अन्नदाताओं से कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही है।

कृषि राज्यमंत्री ने जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि रासायनिक उवर्रकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से धरती की सेहत बिगड़ने के साथ लागत भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने तीन माताओं का जिक्र किया है एक जन्म देने वाली मां, दूसरी धरती मां तथा तीसरी गोमाता। किसानों से अपील करते हुए कहा कि गोमाता को केंद्र में रखकर गोमूत्र व गोबर पर आधारित जैविक खेत और वर्मी कंपोस्ट व हरी खाद का प्रयोग कर आय दोगुनी की जा सकती है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं के खेतों में जैविक खेती की पहल कर दी है। श्री ¨सह ने कहा कि शुरू में कुछ समस्याएं जरूर आएंगी लेकिन समाज के स्वास्थ्य के लिए किसानों को इस तरफ आगे आना होगा। इसके पूर्व राज्य मंत्री का स्वागत सुरभि के जटाशंकर ¨सह, संयुक्त कृषि निदेशक आरके यादव, जिला कृषि अधिकारी पवन कुमार प्रजापति, भूमि संरक्षण अधिकारी जीतलाल गुप्ता ने किया। संचालन फणींद्र श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर बासदेव पाठक, भाकियू भानु गुट के जिला उपाध्यक्ष हरिदास पटेल, नरेंद्र मिश्रा, सदानंद पटेल आदि थे। किसानों की समस्या के लिए गंभीर

कृषि मंत्री कहा कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के रूप में पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो किसानों की व्यथा और उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर हैं। उनका मानना है कि हमारे प्रदेश का किसान न कर्ज के बोझ तले दबे न उसे कोई कमी हो। उन्होंने उपज की पैदावार बढ़ाने की बजाए गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि रासायनिक खादों के दम पर हमने उपज तो बढ़ा दी लेकिन आज विदेशों में हमारी उपज के खरीदार नहीं मिल रहे हैं। जिसका नतीजा है रासायनिक खादों के दम पर कि अपना उत्पन्न किया हुआ जहर आज हम स्वयं खा रहे हैं। जैविक उत्पादों के बढ़ रहे हैं खरीदार

गोष्ठी में मौजूद किसानों द्वारा किए गए एक प्रश्न के उत्तर में कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि आज जैविक खेती द्वारा उपजाए गए उत्पादों के लिए बड़ा बाजार है। देश की नामी गिरामी कंपनियां आप द्वारा उपजाए गए उत्पाद खरीदने के लिए स्वयं आपसे संपंर्क करेंगी और आपको अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। उपस्थित संयुक्त कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि जिले के 50-50 किसानों का क्लस्टर बनाकर उन्हें जैविक खेती के लिए प्रेरित करें और सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं को उपब्ध कराएं।

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