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Young Achievers: कुश्ती के हर दांव में पटखनी देना चाहती हैं मेरठ की पहलवान शीतल तोमर

मेरठ की पहलवान शीतल तोमर कक्षा 11वीं में कुश्ती के दांवपेंच सीखना शुरू किया और वर्तमान में साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता बन चुकी हैं। उन्‍होंने साल 2005 में कुश्ती प्रशिक्षण शुरू किया। अपनी मेहनत के बल पर कामयाबी के शिखर पर हैं।

By Prem BhattEdited By: Published: Wed, 02 Dec 2020 07:00 AM (IST)Updated: Wed, 02 Dec 2020 09:27 AM (IST)
Young Achievers: कुश्ती के हर दांव में पटखनी देना चाहती हैं मेरठ की पहलवान शीतल तोमर
मेरठ की पहलवान शीतल तोमर प्रतिद्वंद्वी को हर दांव में चित करने की इच्छा रखती हैं।

मेरठ, [अमित तिवारी]। Young Achievers भारत केसरी और महिला चंबल केशरी प्रतियोगिताओं में अपने दांव का घाव दिखा चुकी मेरठ की पहलवान शीतल तोमर अपने गुरु की हर अपेक्षाओं में खरा उतरने के साथ ही प्रतिद्वंद्वी को हर दांव में चित करने की इच्छा रखती हैं। परिवार की एक मात्र पहलवान बेटी ने देश-दुनिया में मेरठ का नाम रोशन किया है। शीतल ने कक्षा 11वीं में कुश्ती के दांवपेंच सीखना शुरू किया और वर्तमान में साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता बन चुकी हैं। पहलवानी में शीतल देश के लिए अभी और भी पदक जीतने की लालसा रखते हुए हर दिल चौ. चरण सिंह परिसर स्थित रुस्तम-ए-जमा दारा सिंह कुश्ती हाल में कोच डा. जबर सिंह सोम केसाथ दांव के दो-दो हाथ करती हैं।

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दूरी भी कम न कर सकी हौसला

शीतल ने साल 2005 में कुश्ती प्रशिक्षण शुरू किया। वह उस समय कक्षा 11वीं में पढ़ती थी। घर से कुश्ती हाल करीब नौ किलोमीटर दूर होने के बावजूद एक भी दिन कुश्ती प्रशिक्षण के लिए पहुंचने में खुद पर आलस को हावी नहीं होने दिया। सिसौली के पचगांव निवासी शीतल ने साल 2016 में राजस्थान के भरतपुर में आयोजित भारत केसरी प्रतियोगिता जीती। साल 2017 में सात से नौ अक्टूबर के दौरान राजस्थान के ही कोटा में आयोजित प्रतियोगिता महिला चंबल केसरी का आयोजन हुआ जिसमें शीतल विजेता रही थी। शीतल ने सब-जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में साल 2009 में ही कांस्य पदक जीत लिया था। इसके बाद शीतल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। हर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। हार-जीत से विचलित हुए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ती रहीं जिसका उन्हें लाभ मिला।

कुछ ऐसा रहा है पदकवीर शीतल के अब तक का सफर

- सब-जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप, 2009 उना राजस्थान : कांस्य पदक

- आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेसलिंग चैंपियनशिप 2010 जयपुर : कांस्य पदक

- जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप 2012 देवघर झारखंड: रजत पदक

- भारत केसरी, भारत कुमारी कुश्ती प्रतियोगिता 2013 हिसाार हरियाणा : स्वर्ण पदक, 50 किलो

- जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप 2013 चंडीगढ़ : स्वर्ण पदक, 44 किलो

- आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेसलिंग चैंपियनशिप 2011 सिरसा हरियाणा : रजत पदक

- आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेसलिंग चैंपियनशिप 2014 मेरठ : रजत पदक

- 35वीं सीनियर नेशनल गेम्स कन्नूर 2015 केरल : रजत पदक

- सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप 2015 दिल्ली : कांस्य पदक

- आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेसलिंग चैंपियनशिप 2016 मैसूर यूनिवर्सिटी : स्वर्ण पदक

- चंगड़ीराम गोल्डकप रेसलिंग टूर्नामेंट 2016 दिल्ली : स्वर्ण पदक

- आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेसलिंग चैंपियनशिप 2017 सिरसा हरियाणा : स्वर्ण पदक

- अखिल भारतीय महिला चंबल केशरी कुश्ती प्रतियोगिता 2017 कोटा : स्वर्ण पदक

- सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप 2017 इंदौर : कांस्य पदक

- सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप 2018 गोंडा : कांस्य पदक

- सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप 2019 पंजाब : स्वर्ण पदक

- आल इंडिया पुलिस कुश्ती प्रतियोगिता 2019 जयपुर : स्वर्ण पदक

अंतरराष्ट्रीय सफर की उपलब्धियां

- जूनियर रेसलिंग चैंपियनशिप 2013 थाइलैंड : कांस्य पदक

- जूनियर वल्र्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2013 बुलगरयिा : पांचवां स्थान

- सीनियर एशियन इंडोर मार्शल आट्र्सगेम 2017 तुर्किस्तान : कांस्य पदक

-साउथ एशियन गेम्स 2019 नेपाल : स्वर्ण पदक


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