योगी ने खाते में भेजी छात्रवृत्ति, खिल उठे छात्र-छात्राओं के चेहरे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के खाते में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति राशि आनलाइन भेजी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एनआइसी में किया गया।

JagranPublish: Fri, 03 Dec 2021 12:25 AM (IST)Updated: Fri, 03 Dec 2021 12:25 AM (IST)
योगी ने खाते में भेजी छात्रवृत्ति, खिल उठे छात्र-छात्राओं के चेहरे

मेरठ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के खाते में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति राशि आनलाइन भेजी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एनआइसी में किया गया। जनपद के छात्र-छात्राओं के खाते में ही 6.50 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा कराई गई। डीएम ने जिले के 17 छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

डीएम के. बालाजी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में जनपद के 8,224 छात्र-छात्राओं के खाते में कुल 6,50,85,843 की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान किया गया। डीएम ने कहा कि जिन छात्र-छात्राओं द्वारा 25 अक्टूबर तक आवेदन किए है और संबंधित संस्था से 27 अक्टूबर तक आवेदन पत्र अग्रसारित किए गए हैं। उनमें से लगभग सभी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान हुआ। उधर, एनआइसी भवन में लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी मौ. मुश्ताक, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शैलेष राय सहित शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

-----

छात्र-छात्राओं को दिया प्रमाण पत्र

एनआइसी भवन में डीएम ने छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के प्रमाण पत्र वितरित किए। जिसमें सोनाली गौतम, खुशी मौर्य, रोहित कुमार अंशु कुमार, तनु बंसल, सोनिया, साक्षी पांडेय, तुलसी झा, मौ. इमरान, शाहवेज, सोहेल सैफी, जाह्नवी मौर्य, संध्या, अभिषेक, अंशुल कुमार, दीपक कुमार और गौरव यादव को प्रमाण पत्र दिया गया।

रिजल्ट को लेकर परीक्षा नियंत्रक का किया घेराव

मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में गुरुवार को छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया। छात्र नेता विनीत चपराना के नेतृत्व में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मैनेजमेंट कालेज के बीसीए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र परीक्षा नियंत्रक से मिले। उन्होंने बताया कि कोविड की वजह से उनकी परीक्षा नहीं हुई। प्रथम सेमेस्टर के आधार पर दूसरे सेमेस्टर का रिजल्ट बनाया गया। इसमें उन्हें फेल कर दिया गया। जबकि वह प्रथम सेमेस्टर में पास थे। छात्रों ने अपने भविष्य का हवाला देते हुए नियमानुसार रिजल्ट घोषित करने की मांग की है।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept