योगी आदित्यनाथ ने ज्ञानमती माताजी से की आध्यात्मिक चर्चा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हस्तिनापुर के जंबूद्वीप स्थल पहुंचकर जैन साध्वी ज्ञानमती माताजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

JagranPublish: Sat, 29 Jan 2022 06:49 AM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 06:49 AM (IST)
योगी आदित्यनाथ ने ज्ञानमती माताजी से की आध्यात्मिक चर्चा

मेरठ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हस्तिनापुर के जंबूद्वीप स्थल पहुंचकर जैन साध्वी ज्ञानमती माताजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

माताजी ने योगी आदित्यनाथ से आध्यात्मिक चर्चा करते हुए कहा कि अयोध्या तीर्थ को आकाश की ऊंचाइयों तक लेकर जाना है। कहा, अभी उन्हें प्रदेशके लिए बहुत काम करना है। माताजी ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि-आप दीर्घायु हों और इसी प्रकार उत्तर प्रदेश की जनता के मंगल और कल्याणकारी कार्यो में लगे रहो। माताजी ने सीएम को जैन धर्म का साहित्य भेंट किया। पीठाधीश रवींद्रकीíत स्वामी ने अंगवस्त्र व पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। आíयका चंदनामती माताजी ने मुख्यमंत्री को जंबूद्वीप तीर्थ की प्रतिकृति भेट की। जंबूद्वीप का मनोरम दृश्य देख सीएम गदगद हो गए और उन्होंने तीर्थक्षेत्र की प्रशंसा की। सुरेश चंद जैन, विजय जैन, जीवन प्रकाश जैन, अक्षत जैन आदि मौजूद रहे।

भगवान का नाम जपने से होता है पापों का विनाश

मेरठ : प्रभात नगर नंगला बट्टू रोड स्थित प्राचीन कंठी माता मंदिर में शिव परिवार की मूर्तियों के जीर्णोद्धार के अंतर्गत द्वितीय दिवस पर अन्नायाश कराया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी सुनील ने बताया कि शिव परिवार की सभी मूर्तियों को विधान के अनुसार एक दिन के लिए गेहूं, चावल व विभिन्न प्रकार की दालों समेत सात प्रकार के अन्न में रखकर अन्नायाश कराया गया है। दूसरे दिन के पूजन में सांवरमल बगड़िया के पुत्र मुकेश बगड़िया पत्नी संग मौजूद रहे। इस अवसर पर पंडित सुनील झा ने प्रवचन में कहा कि भगवान का नाम जपने से मनुष्य के जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। जैसा कर्म करते हैं, वैसा ही फल मिलता है। संसार को भगवान श्रीराम की नजर से देखोगे तो जीवन धन्य बन जाएगा। विधि विधान संपन्न कराने में पंडित सुनील, पंडित मुरारी, पंडित रोशन, पंडित कन्हैया व पंडित जयनाथ शामिल रहे। श्रवण कुमार अग्रवाल, उज्जवल अग्रवाल, ऋतु अग्रवाल, मंजू अग्रवाल व सविता डालमिया आदि मौजूद रहे। शनिवार के पूजन में तीसरे दिन सभी मूर्तियों को फलों में रखकर फलायाश कराया जाएगा। जिसमें सभी मूर्तियों को एक दिन के लिए फलों में रखा जाएगा।

Edited By Jagran

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